अयान न्यूज मनीष पाल की रिपोर्ट। बिलासपुर मे पेंशन कर्मचारियो का कारनामा रेल्वे के शासकीय भूमि पर कब्जा रेल्वे के अधिकारी क्यू है मौन ? बिलासपुर जोन रेल्वे का एक ऐसा जोन है, जिसके आमदनी से रेल्वे को लाभ मिल रहा है, फिर भी बिलासपुर जोन को अनदेखा कर दिया जाता है। बिलासपुर मे रेल्वे शासकीय भूमि अधिकतर है, इसका उपयोग रेल्वे नही कर पा रहा है,इसका सही उपयोग रेल्वे के कर्मचारीयो द्वारा किया जा रहा है कई सालो से कब्जा करके रखे हुए है, रिटायर्ड होने के बाद भी रेल्वे की शासकीय भूमि पर कब्जा किए हुए है, रेल्वे से पेंशन भी ले रहे है । जब कोई व्यक्ति रेल्वे का कर्मचारी होता है ,उसे रहने के लिए आवास दिया जाता है, हर सुविधाये दी जाती है, लेकिन जब वह कर्मचारी रिटायर्ड होता है तो उससे निवास संपूर्ण सुविधाये ले लिए जाते है और किसी दूसरे कर्मचारी को दे दी जाती है, यह सिलसिला चलते रहता है। गौरतलब बात यह है की जब एक रेल्वे कर्मचारी रिटायर्ड होने के बाद पेंशन लेता है और रेल्वे की शासकीय भूमि पर बेजा कब्जा करके रहता है । तो फिर इन पर कार्रवाई क्यू नही की जाती कही रेल्वे के आला अधिकारियो का साथ होता है। एक कर्मचारी रेल्वे के आवास पर रहता है जब रिटायर्ड होता है उससे वह आवास ले लिया जाता है, दूसरी ओर जो कर्मचारी खुद के मकान पर रहकर रेल्वे के शासकीय भूमि अधिग्रहण किया हुआ है ,उस पर कोई कार्रवाई नही की जाती ऐसा क्यू ? रेल्वे के अधिकारियो का मिलीभगत होना या दोनो पेंशननरियो के लिए रेल्वे का नियम अलग अलग बना हुआ है । कोई पेंशनर रेल्वे कर्मचारी उस रेल्वे शासकीय भूमि पर गैरेज बना कर रखा हुआ है, कोई दुकान बना रखा हुआ है, कोई घर बनाकर रखा हुआ है ,देखना होगा आने वाले समय पर रेल्वे के ऐसे पेंशनर कर्मचारीयो की तादात बढ़ेगी या बिलासपुर रेलवे जोन के अधिकारी अपनी शासकीय रेल्वे भूमि को वापस ले पाते है या कोई ठोस कदम उठाते है रेल्वे के लिए।
बिलासपुर मे पेंशन कर्मचारियो का कारनामा रेल्वे के शासकीय भूमि पर कब्जा रेल्वे के अधिकारी क्यू है मौन ?

