इंडिया गठबंधन के प्रमुख मंच पर छत्तीसगढ़ के दिग्गज नेताओं को स्थान नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण, किसान नेता चौलेश्वर चंद्राकर ने जताई नाराजगी
रामलीला मैदान की रैली में एसटी, एससी, ओबीसी और किसान नेताओं की उपेक्षा का आरोप, कहा – देश में मोदी की लहर बरकरार
कांकेर। छत्तीसगढ़ के किसान नेता चौलेश्वर चंद्राकर ने बयान जारी कर कहा है कि इंडिया गठबंधन रैली के रामलीला मैदान दिल्ली में शामिल हुए विभिन्न दलों के नेताओं को मंच में स्थान दिया गया, लेकिन छत्तीसगढ़ के दिग्गज नेताओं की सुध लेने वाला कोई नहीं दिखा। लोकसभा के विपक्ष नेता राहुल गांधी और खड़गे ने अपने ही पार्टी के नेताओं को दरकिनार करने का मन बना लिया है।
उन्होंने कहा कि देश की जनता ने ममता बैनर्जी, अखिलेश यादव, फारूख अब्दुल्ला, मुफ्ती मोहम्मद सईद, तेजस्वी यादव सहित अन्य नेताओं को नकार दिया है। वहीं आज वोट चोरी की दुहाई देने की बात करने वाले नेता अफवाहों व झूठ का सहारा लेकर देश की जनता को गुमराह करने की बात कर रहे हैं। इंडिया गठबंधन की जमीन खिसक चुकी है। राहुल गांधी को अपने पार्टी के नेताओं पर आखिर भरोसा क्यों नहीं है। नफरत की बाजार में मोहब्बत की बात करने वाले पर भारत की जनता ने विश्वास करना बंद कर दिया है।
चंद्राकर ने कहा कि आज के मुख्य मंच में एसटी, एससी, ओबीसी नेताओं सहित किसान नेताओं को उपेक्षित होना पड़ा है। आने वाले दिनों में पंजाब, गुजरात, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में निर्वाचन होना है। पूरे देश में मोदी की लहर चल रही है। इंडिया गठबंधन के नेताओं को सिर्फ सत्ता की भूख दिख रही है। आने वाले दिनों में निश्चित ही इन राज्यों में पुनः भाजपा की सरकार बनने जा रही है।
आगे बयान में चौलेश्वर चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस अपनी जमीनी हकीकत को भूलती जा रही है। कार्यकर्ताओं की कमी है, नेताओं की भीड़ बढ़ती जा रही है। इंडिया गठबंधन के लोग कांग्रेस पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले लोग आज एक मंच में होकर एक दूसरे की पीठ खुजलाने में लगे हुए हैं। देश की जनता इनके झांसे में नहीं आने वाली है।
उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा कायम है। एसआईआर आने से घुसपैठियों का वोट बैंक समाप्त हो रहा है। यही बौखलाहट का नतीजा है जो इंडिया गठबंधन के नेता एक मंच पर दिख रहे हैं। छत्तीसगढ़ के दिग्गज नेताओं को प्रमुख मंच में स्थान नहीं मिला, यह उपेक्षा आखिर क्यों, पूछता है छत्तीसगढ़ के सवा तीन करोड़ मतदाता।

