Afroj khwaja परमानन्द जांगडे ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार , श्रमिको के साथ शोषण अत्याचार पर कार्यवाही की मांग

मंदिर हसौद मोनेट सयंत्र जिसका संचालन एओएन एवं जे.एस.डब्लु लि.द्वारा संचालित है , जहा कार्यरत श्रमिक को सुरक्षा के मापदंडो के तहत पर्याप्त साधन उपलब्ध नही कराने से गंभीर दुर्घटना को होने को लेकर परमानंद जांगडे पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने मान मुख्य मंत्री भूपेश बघेल ,कलेक्टर ,एस.पी. तथा उपनिदेशक कारखाना तथा संबंधित थाने में दुर्घटनाओ के दोषी कम्पनी प्रबंधन के ओक्कुपायर तथा कारखाना प्रबंधक एवं कम्पनी के सी.ई.ओ.के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कड़ी कठोरतम कार्यवाही की मांग किया है , जांगडे ने अपने शिकायत पत्र में कम्पनी के श्रमिको ,कर्मचारीयों जो विगत 1 वर्ष में गंभीर दुर्घटनाओ के शिकार हुए है , जिसे काफी दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए ,कम्पनी प्रबंधन की सुरक्षा निती पर सवालिया निशान खड़ा कर दी है , जो की जांगडे का आरोप लाजमी नजर आती है की हाल में एक ही कम्पनी में 8 गंभीर दुर्घटना सवालिया निसान खडी करती है , श्रमिको के सुरक्षा को लेकर उनका आरोप है की ,श्रम तथा स्वास्थ्य सुरक्षा नियमो के विरुद्ध लापरवाही पूर्वक कार्य कराये जाने से लगातार गंभीर दुर्घटना घटित होने से श्रमिको को मृत्यु सहित गंभीर रूप से अपाहिज होना पड़ा है , विगत 1 वर्षो में दर्जन से अधिक दुर्घटना घटित हो गयी है , उनके उपरांत भी कम्पनी प्रबंधन सुरक्षात्मक कार्य हेतु मजदूरों के हितो में कोई ठोस पहल नही किया है दिनांक 19/09/19 को उपेन्द्र कुमार तिवारी पुन; दुर्घटना के शिकार हो गये ,तथा कई घटना की प्रवित्ती को बदलकर प्रबंधन मौज उड़ा रहे है ,गंभीर दुर्घटनाओ को प्रबंधन द्वारा दबाये जाने का आरोप लगाया है कई घटना के स्वरूप को बदलकर कम्पनी अपनी जवाबदेही से बचने का प्रयास किया गया है , कम्पनी प्रबंधन शोषण के विरुद आवाज उठाने वाले कर्मचारियों को काम से निकाल देने का भय दिखाकर छतीसगढ़ के भोले- भाले श्रमिको के साथ काफी निंदनीय शोषण कर रहे है, जो काफी दुर्भाग्य जनक है | गंभीर दुर्घटनाओ के शिकार हुए कर्मचारी का विवरण दिए है जिसमे पुष्पेन्द्र कुमार जो की कंपनी के सी.सी.एम.डिपार्टमेंट में कार्यरत थे , जिसका पूरा शरीर कम्पनी में काम के दोरान दिनांक 12 जून 2019 को दुर्घटना के शिकार होकर उनका पूरा शरीर जल गया , कम्पनी प्रबंधन द्वारा इसका ईलाज बालाजी हास्पिटल में कराई किन्तु घटना को छुपाकर प्रबंधन अपनी प्रबंधन की लापरवाही को दबाने छुपाने में कोई कसर नही छोड़ा है |विगत दिनों कम्पनी प्रबंधन की लापरवाही से हुए गंभीर दुर्घटनाओ में मृत्यु तथा गंभीर अवस्था में अपाहिज होने वालो का विवरण जिसमे 01.किसुन मरकाम ग्राम कुरूद जिसके साथ दो बार दुर्घटना हुवा है 02.उपेन्द्र कुमार तिवारी ग्राम कुरूद दुर्घटना तिथी 19/09/19 03.पुष्पेन्द्र कुमार झा कुरूद दुर्घटना की तिथी 12 जून 2019 04. बी.के झा.दुर्घटना की तिथी 17/08/18 05.गोपाल सिंग कुरूद दुर्घटना की तिथी 27/08/19 06. कैलास प्रजापति दुर्घटना की तिथी 16/09/18 07. कुशल जांगडे मंदिर हसौद 8.लोकेश सिंग पिता गोपाल सिंग कुरूद आदि उपरोक्त श्रमिक अकारण मृत्यु के गाल में समा गया ,तथा कई मजदूर गंभीर अवस्था में अपाहिज की जिन्दगी जी रहे है जिसे कम्पनी प्रबंधन से किसी भी प्रकार से सहायता तथा मुआवजा ,तथा उनके परिवार को नौकरी में नही रखा गया है , जिससे उनके परिवार तथा अपाहिज हुए श्रमिक आज नरकीय जीवन जीने को बाध्य है |

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