कांकेर में 27 अगस्त को होगी स रे ग म केराओके एकल गीत प्रतियोगिता
सरस्वती कला मंच आयोजित करेगा ऑडिशन और भव्य संगीत संध्या, पांच दशक से कर रहा सांस्कृतिक सेवा
कांकेर। कांकेर की लोकप्रिय सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था सरस्वती कला मंच 27 अगस्त को पार्श्वगायक स्व. मुकेश माथुर की पुण्यतिथि के अवसर पर स रे ग म केराओके एकल गीत प्रतियोगिता का आयोजन करने जा रही है। संस्था का उद्देश्य बच्चों, युवाओं और उम्रदराज लोगों में संगीत के प्रति रुचि जगाना और उन्हें मंच प्रदान करना है। प्रतियोगिता के लिए उच्च गुणवत्ता और सुमधुर गीतों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि दर्शकों को एक यादगार संगीतमय संध्या मिल सके।
पांच दशकों से सांस्कृतिक क्षेत्र में अग्रणी संस्था
सरस्वती कला मंच की स्थापना 3 फरवरी 1983 को सरस्वती पूजा यानी बसंत पंचमी के दिन कांकेर के जाने माने कवि, लेखक और सेवानिवृत्त प्राचार्य बहादुरलाल तिवारी के करकमलों एवं आशीर्वाद से हुई थी। पिछले पांच दशकों से संस्था सामाजिक, सांस्कृतिक, पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत, नशामुक्ति, साक्षरता और बालिका शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर कार्य कर रही है। कांकेर के दर्शक हर वर्ष संस्था के कार्यक्रमों का बेसब्री से इंतजार करते हैं और यही कारण है कि मंच के सभी कार्यक्रम अब तक सफल रहे हैं।
ऑडिशन से होगा गायकों का चयन प्रतियोगिता को और बेहतर बनाने के लिए ऑडिशन के माध्यम से अच्छे गायकों का चयन किया जाएगा। ऑडिशन 25 अगस्त को बाबा रामदेव मंदिर परिसर में आयोजित होगा। जानकारी के अनुसार ऑडिशन में कांकेर जिले के साथ पूरे छत्तीसगढ़ राज्य और अन्य राज्यों से भी गायकों के भाग लेने की संभावना है। चयनित प्रतिभागी 27 अगस्त को होने वाली मुख्य प्रतियोगिता में अपनी प्रस्तुति देंगे। आयोजकों का कहना है कि मंच पर केवल उच्चतम क्वालिटी के गीतों को ही स्थान मिलेगा।
टीम ने शुरू की जोरदार तैयारियां कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सरस्वती कला मंच की टीम के साथ सुंदर काण्ड ग्रुप के राजेश शर्मा, अरुण कौशिक, अशोक राठी, रूपेंद्र बैस, केतन व्यास, सपन श्रीवास्तव, मनोज चोपड़ा और मोहन सेनापति भी तैयारियों में जुटे हुए हैं। कार्यक्रम का संचालन गुलराज शर्मा करेंगे। आयोजकों का कहना है कि इस बार मंच, साउंड और लाइटिंग की व्यवस्था और बेहतर की जा रही है ताकि दर्शकों को बेहतर अनुभव मिले।
कांकेर की सांस्कृतिक पहचान बना चुका है मंच सरस्वती कला मंच ने पांच दशकों में कांकेर को एक सांस्कृतिक पहचान दी है। संस्था का मानना है कि संगीत के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाया जा सकता है। इसी सोच के साथ हर वर्ष अलग-अलग थीम पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस बार स रे ग म केराओके प्रतियोगिता के माध्यम से नई प्रतिभाओं को सामने लाने और संगीत प्रेमियों को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कांकेर। कांकेर की लोकप्रिय सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था सरस्वती कला मंच 27 अगस्त को पार्श्वगायक स्व. मुकेश माथुर की पुण्यतिथि के अवसर पर स रे ग म केराओके एकल गीत प्रतियोगिता का आयोजन करने जा रही है। संस्था का उद्देश्य बच्चों, युवाओं और उम्रदराज लोगों में संगीत के प्रति रुचि जगाना और उन्हें मंच प्रदान करना है। प्रतियोगिता के लिए उच्च गुणवत्ता और सुमधुर गीतों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि दर्शकों को एक यादगार संगीतमय संध्या मिल सके।
पांच दशकों से सांस्कृतिक क्षेत्र में अग्रणी संस्था
सरस्वती कला मंच की स्थापना 3 फरवरी 1983 को सरस्वती पूजा यानी बसंत पंचमी के दिन कांकेर के जाने माने कवि, लेखक और सेवानिवृत्त प्राचार्य बहादुरलाल तिवारी के करकमलों एवं आशीर्वाद से हुई थी। पिछले पांच दशकों से संस्था सामाजिक, सांस्कृतिक, पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत, नशामुक्ति, साक्षरता और बालिका शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर कार्य कर रही है। कांकेर के दर्शक हर वर्ष संस्था के कार्यक्रमों का बेसब्री से इंतजार करते हैं और यही कारण है कि मंच के सभी कार्यक्रम अब तक सफल रहे हैं।
ऑडिशन से होगा गायकों का चयन प्रतियोगिता को और बेहतर बनाने के लिए ऑडिशन के माध्यम से अच्छे गायकों का चयन किया जाएगा। ऑडिशन 25 अगस्त को बाबा रामदेव मंदिर परिसर में आयोजित होगा। जानकारी के अनुसार ऑडिशन में कांकेर जिले के साथ पूरे छत्तीसगढ़ राज्य और अन्य राज्यों से भी गायकों के भाग लेने की संभावना है। चयनित प्रतिभागी 27 अगस्त को होने वाली मुख्य प्रतियोगिता में अपनी प्रस्तुति देंगे। आयोजकों का कहना है कि मंच पर केवल उच्चतम क्वालिटी के गीतों को ही स्थान मिलेगा।
टीम ने शुरू की जोरदार तैयारियां कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सरस्वती कला मंच की टीम के साथ सुंदर काण्ड ग्रुप के राजेश शर्मा, अरुण कौशिक, अशोक राठी, रूपेंद्र बैस, केतन व्यास, सपन श्रीवास्तव, मनोज चोपड़ा और मोहन सेनापति भी तैयारियों में जुटे हुए हैं। कार्यक्रम का संचालन गुलराज शर्मा करेंगे। आयोजकों का कहना है कि इस बार मंच, साउंड और लाइटिंग की व्यवस्था और बेहतर की जा रही है ताकि दर्शकों को बेहतर अनुभव मिले।
कांकेर की सांस्कृतिक पहचान बना चुका है मंच सरस्वती कला मंच ने पांच दशकों में कांकेर को एक सांस्कृतिक पहचान दी है। संस्था का मानना है कि संगीत के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाया जा सकता है। इसी सोच के साथ हर वर्ष अलग-अलग थीम पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस बार स रे ग म केराओके प्रतियोगिता के माध्यम से नई प्रतिभाओं को सामने लाने और संगीत प्रेमियों को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

