आशावाद सबसे जरूरी – प्रीति जिंटा
हिन्दू कालेज में प्रीति जी. जिंटा से परिसंवाद
मनुष्य अपने भीतर आशावाद न रखे तो जलन और कुढ़न का शिकार हो जाएगा। ऐसे में वह न अपने और न ही समाज और देश के लिए कुछ कर सकता है। हिंदू कालेज में ‘बंटवारा 1947 : यादें और सिनेमा’ शीर्षक से हुए आयोजन में विख्यात फिल्म अभिनेत्री प्रीति जी. जिंटा ने कहा कि उन्हें फिल्मों में लाने का श्रेय बॉबी देओल को जाता है। जिंटा ने अपनी आई पी एल क्रिकेट टीम पंजाब किंग्स का उल्लेख कर बताया कि हमें ऊपर से कोई भी खेल जितना सरल और आसान लगता है वास्तव में हर खेल बेहद अनुशासन और कड़ी मेहनत की माँग करता है। उन्होंने युवा विद्यार्थियों से कहा कि यह उनके जीवन का सबसे सुंदर दौर है जिसका उन्हें भरपूर सदुपयोग करना चाहिए। खेल और सिनेमा के तनाव का अंतर बताते हुए उन्होंने कहा कि वे क्रिकेट मैच के अंतिम क्षणों में नर्वस हो सकती हैं लेकिन फिल्म के सेट पर नहीं क्योंकि अभिनय करना पूरी तरह उनके नियंत्रण में है।हिंदू कालेज की विभिन्न कला संस्थाओं यथा अभिरंग, विवरे, नक्श, वूमन्स डेवलमेंट सेल और गर्ल्स हॉस्टल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस आयोजन में रेज़ा शर्मा, सुधांशु तिवारी, अभिनव कुमार, वेदांती सांखरे ने प्रीति जी. जिंटा से संवाद किया। बाद में खुले सत्र में भी जिंटा ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए। संयोजन लविशा और नींव ने किया।इससे पहले कालेज में पहुंचने पर प्राचार्या प्रो अंजू श्रीवास्तव और उप प्राचार्या प्रो रीना जैन ने फूलों से जिंटा का स्वागत किया। स्वागत उद्बोधन में प्रो श्रीवास्तव ने कहा कि हिन्दू कॉलेज देश भर की सर्वोत्तम युवा प्रतिभाओं का घर है जहां कला संस्कृति के लिए गहरा स्वागत भाव रहता है।आयोजन के अंत में अभिरंग के परामर्शदाता प्रो बिमलेंदु तीर्थंकर ने कहा कि प्रीति जिंटा का अभिनय पिछले तीन दशक से अनेक पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध करता रहा है। उन्होंने कहा कि अभी जिस फिल्म ‘बंटवारा : 1947’ के कारण जिंटा के अभिनय की चर्चा है उस फिल्म का निर्माण हिंदी के प्रसिद्ध लेखक असग़र वजाहत के नाटक ‘जिस लाहौर नइ देख्या’ पर हुआ है। प्रो वजाहत अभिरंग की अनेक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं और हिन्दू कालेज से वे अनुराग रखते हैं। आयोजन के दौरान सांगानेरिया सभागार विश्वविद्यालय और कालेज के विद्यार्थियों से खचाखच भरा था। जिंटा ने विद्यार्थियों को उपहारस्वरूप टी शर्ट वितरित किए।
प्रो बिमलेंदु तीर्थंकरपरामर्शदाता, अभिरंग हिंदू कालेजदिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली
मनुष्य अपने भीतर आशावाद न रखे तो जलन और कुढ़न का शिकार हो जाएगा। ऐसे में वह न अपने और न ही समाज और देश के लिए कुछ कर सकता है। हिंदू कालेज में ‘बंटवारा 1947 : यादें और सिनेमा’ शीर्षक से हुए आयोजन में विख्यात फिल्म अभिनेत्री प्रीति जी. जिंटा ने कहा कि उन्हें फिल्मों में लाने का श्रेय बॉबी देओल को जाता है। जिंटा ने अपनी आई पी एल क्रिकेट टीम पंजाब किंग्स का उल्लेख कर बताया कि हमें ऊपर से कोई भी खेल जितना सरल और आसान लगता है वास्तव में हर खेल बेहद अनुशासन और कड़ी मेहनत की माँग करता है। उन्होंने युवा विद्यार्थियों से कहा कि यह उनके जीवन का सबसे सुंदर दौर है जिसका उन्हें भरपूर सदुपयोग करना चाहिए। खेल और सिनेमा के तनाव का अंतर बताते हुए उन्होंने कहा कि वे क्रिकेट मैच के अंतिम क्षणों में नर्वस हो सकती हैं लेकिन फिल्म के सेट पर नहीं क्योंकि अभिनय करना पूरी तरह उनके नियंत्रण में है।हिंदू कालेज की विभिन्न कला संस्थाओं यथा अभिरंग, विवरे, नक्श, वूमन्स डेवलमेंट सेल और गर्ल्स हॉस्टल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस आयोजन में रेज़ा शर्मा, सुधांशु तिवारी, अभिनव कुमार, वेदांती सांखरे ने प्रीति जी. जिंटा से संवाद किया। बाद में खुले सत्र में भी जिंटा ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए। संयोजन लविशा और नींव ने किया।इससे पहले कालेज में पहुंचने पर प्राचार्या प्रो अंजू श्रीवास्तव और उप प्राचार्या प्रो रीना जैन ने फूलों से जिंटा का स्वागत किया। स्वागत उद्बोधन में प्रो श्रीवास्तव ने कहा कि हिन्दू कॉलेज देश भर की सर्वोत्तम युवा प्रतिभाओं का घर है जहां कला संस्कृति के लिए गहरा स्वागत भाव रहता है।आयोजन के अंत में अभिरंग के परामर्शदाता प्रो बिमलेंदु तीर्थंकर ने कहा कि प्रीति जिंटा का अभिनय पिछले तीन दशक से अनेक पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध करता रहा है। उन्होंने कहा कि अभी जिस फिल्म ‘बंटवारा : 1947’ के कारण जिंटा के अभिनय की चर्चा है उस फिल्म का निर्माण हिंदी के प्रसिद्ध लेखक असग़र वजाहत के नाटक ‘जिस लाहौर नइ देख्या’ पर हुआ है। प्रो वजाहत अभिरंग की अनेक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं और हिन्दू कालेज से वे अनुराग रखते हैं। आयोजन के दौरान सांगानेरिया सभागार विश्वविद्यालय और कालेज के विद्यार्थियों से खचाखच भरा था। जिंटा ने विद्यार्थियों को उपहारस्वरूप टी शर्ट वितरित किए।
प्रो बिमलेंदु तीर्थंकरपरामर्शदाता, अभिरंग हिंदू कालेजदिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली

