गौमूत्र का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान! आलोक पांडेय रूद्र सेवा प्रमुख
1. उदित राज जी, गौमूत्र हमारे लिए सिर्फ पदार्थ नहीं, करोड़ों हिंदुओं की आस्था और सनातन विज्ञान है।2. 215 से अधिक कुलपतियों का आक्रोश चयनात्मक नहीं, बल्कि सनातन परंपरा के सम्मान में उठी आवाज है।3. जिसे आप ‘गोबर-गौमूत्र’ कहकर मजाक उड़ा रहे हैं, उसी पर IIT और दुनिया की बड़ी लैब में रिसर्च हो रही है।4. अमेरिका गौमूत्र के 6 से ज्यादा पेटेंट ले चुका है, और हम भारत में ही उसका उपहास कर रहे हैं।5. प्रियंका गांधी जी ने एक वैज्ञानिक पद का नहीं, एक भारतीय वैज्ञानिक सोच का अपमान किया है।6. वैज्ञानिक दृष्टिकोण वही है जो गौमाता में भी विज्ञान खोजे, न कि आस्था का मजाक उड़ाए।7. अकादमिक निष्पक्षता तब कहाँ थी जब आये दिन हिंदू देवी-देवताओं और परंपराओं का मजाक उड़ता है?8. ये भारत है, यहाँ गाय पशु नहीं, माता है – ये संस्कार है, समझौता नहीं।9. चयनात्मक आक्रोश आपका है साहब, हमारा तो समर्पण है धर्म और देश के लिए।10. गौमाता का अपमान बंद करो, सनातन का सम्मान करना सीखो।हर हर महादेव ! जय गौमाता

