मानवीय संवेदना को जगाता है साहित्य : पंकज बिष्ट
हिन्दू कालेज में दीपक सिन्हा स्मृति व्याख्यानमाला
दिल्ली। यह साफ़ नज़र आ रहा है कि विज्ञान, टेक्नोलॉजी और मशीनीकरण का अंधाधुंध विकास शोषण और दमन के शिकंजे को मजबूत करता जा रहा है। वह हमारे भाटिक संसाधन ही नहीं बल्कि हमारे विवेक को भी नियंत्रित करता जा रहा है। ऐसे समय में मानवीय संवेदना और उसके विवेक को जगाने का काम साहित्य से ही हो सकता है जिसे पहचानने की बड़ी जरूरत है। सुप्रसिद्ध साहित्यकार पंकज बिष्ट ने हिन्दू कालेज में हिंदी साहित्य सभा के उद्घाटन और दीपक सिन्हा स्मृति व्याख्यानमाला में ‘विचारहीनता के दौर में साहित्य’ विषय पर अपने व्याख्यान में कहा कि हमें विचारों के स्तर पर नये सिरे से अपनी, यानी मनुष्य की भूमिका के बारे में सोचना है। उन्होंने कहा कि आज समाज में वैश्विक स्तर पर जिस भौतिकता और ऑटोमेशन का बोलबाला हो चुका है उसने स्वयं मनुष्य के महत्त्व और सार्थकता पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। व्याख्यान के बाद सवाल-जवाब सत्र में बिष्ट ने बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए। हिंदी बाल साहित्य की स्थिति पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमारे जैसे विकासशील देश में बच्चे किसी की चिंता में नहीं हैं तब बाल साहित्य की परवाह कौन करेगा? उन्होंने कहा कि अच्छा बाल साहित्य बच्चों में रचनात्मकता और प्रश्नाकुलता उत्पन्न करता है जिससे वे बेहतर मनुष्य और नागरिक बन सकते हैं लेकिन दुर्भाग्य से हमारे यहाँ इस पर कोई बात नहीं होती। लोकप्रिय साहित्य और गंभीर साहित्य के अंतर पर पूछे गए सवाल पर बिष्ट ने कहा कि शिकायत यह नहीं है कि कोई साहित्य लोकप्रिय क्यों है बल्कि सवाल यह है कि वह अपनी सामाजिक और सांस्कृतिक भूमिका का ठीक से निर्वहन कर रहा है अथवा नहीं। इससे पहले हिंदी विभाग के विभाग प्रभारी प्रो पल्लव ने हिंदी विभाग के दिवंगत आचार्य दीपक सिन्हा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सिन्हा गंभीर और विचारशील शिक्षक के रूप में जाने जाते थे। प्रो पल्लव ने हिंदी साहित्य सभा के पदाधिकारियों का परिचय भी करवाया। उन्होंने बताया कि अध्यक्ष पद पर एम ए उत्तरार्ध के विनीत खुराना, उपाध्यक्ष पर एम् ए पूर्वार्ध की शैफाली चौबे और चतुर्थ वर्ष के अनुराग, संयोजक पद पर तृतीय वर्ष हिंदी प्रतिष्ठा की रवितन्या, महासचिव सलोनी सूर्यवंशी, सचिव साहिल भारद्वाज, कोषाध्यक्ष आजाद प्रताप और सह सचिव कुलदीप निर्वाचित हुए हैं। आयोजन में सभी पदाधिकारियों को मंच पर बुलाकर उनका परिचय करवाया गया। व्याख्यान के बाद बिष्ट ने हिंदी विभाग की भित्ति पत्रिका लहर के नए अंक का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की रचनात्मकता बढ़ाने के लिए ऐसे सभी मंचों का स्वागत होना चाहिए। लहर के सम्पादक मंडल के वरिष्ठ सदस्यों सचिन भाटी, आयुष पाण्डेय और शिखा पाण्डेय सहित सभी विद्यार्थियों ने लोकार्पण में भाग लिया।अतिथि परिचय अनुराग ने दिया और वरिष्ठ आचार्य प्रो रचना सिंह एवं प्रो बिमलेंदु तीर्थंकर ने बिष्ट का शॉल और पौधा देकर अभिनन्दन किया। कार्यक्रम का संचालन सौरभ पाल और गोदावरी ने किया। दीप प्रज्ज्वलन की रस्म डॉ नीलम सिंह और डॉ रुपाली सिन्हा ने निभाई।आयोजन के प्रारंभ में सत्य निकेतन में हताहत हुए विद्यार्थियों के प्रति दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि भी दी गई। कार्यक्रम के अंत में हिन्दी साहित्य सभा के अध्यक्ष विनीत खुराना ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
रवितन्यासंयोजक हिंदी साहित्य सभा हिन्दू कालेज, दिल्ली विश्वविद्यालय दिल्ली -110007

