छत्तीसगढ़िया सर्व समाज महासंघ की प्रांतीय बैठक संपन्न
पांडेश्वर धाम मामले में 40 सदस्यीय समिति गठन का निर्णय, विभिन्न समाजों के बोर्ड गठन की मांग
रायपुर, 29 जून। छत्तीसगढ़िया सर्व समाज महासंघ की प्रांतीय बैठक रविवार को गुरु घासीदास संस्कृति भवन, रायपुर में महासंघ के अध्यक्ष रमेश यदु की अध्यक्षता में संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ ईष्ट देव की पूजा-अर्चना के साथ हुआ।बैठक में बालोद जिले के जमडीपाठ स्थित आदिवासी समाज के पूजा स्थल की भूमि पर कथित अवैध कब्जे के मुद्दे पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया। इस विषय सहित पांडेश्वर धाम से जुड़े मामलों के समाधान और आगे की रणनीति तय करने के लिए 40 सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया।बैठक में छत्तीसगढ़ के बाहर के व्यक्तियों को राज्य में भूमि बिक्री पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई। इसके साथ ही गाड़ा समाज के लिए बाजा बोर्ड, अघरिया पाल समाज के लिए भेड़ एवं ऊन संवर्धन बोर्ड, कलार समाज के लिए महुआ बोर्ड तथा शाकंभरी बोर्ड का गठन नहीं किए जाने पर राज्य सरकार की उपेक्षा का आरोप लगाया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सर्व आदिवासी समाज के विनोद नागवंशी ने जमडीपाठ प्रकरण की विस्तृत जानकारी दी। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम ने कहा कि सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश सरकार को ठोस पहल करनी चाहिए तथा संगठन की मजबूती पर बल दिया।पूर्व सांसद नंदकुमार साय ने कहा कि सभी समाजों को एकजुट होकर अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करना होगा। पूर्व आईजी अकबर राम कोर्राम ने बस्तर क्षेत्र में जंगलों की कटाई और बाहरी लोगों द्वारा कथित अवैध कब्जों पर चिंता व्यक्त करते हुए समय रहते प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता बताई।बैठक को युवराज सिन्हा, उग्रसेन, शिव सारथी, गोपाल साहू, पी.आर. यदु, राजा निर्मलकर, अश्विनी बबलू त्रिवेंद्र, बोधिराम निषाद, ललित काकड़े एवं राकेश वैष्णव सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया और आदिवासी समाज के समर्थन तथा सामाजिक एकता पर जोर दिया।कार्यक्रम का सफल संचालन महासंघ के अध्यक्ष रमेश यदु ने किया।बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम, पूर्व सांसद नंदकुमार साय, पूर्व आईजी अकबर राम कोर्राम, बी.एस. रावटे, युवराज सिन्हा, दिनेश चंद्राकर, अश्विनी बबलू त्रिवेंद्र, बोधिराम निषाद, राकेश वैष्णव, चित्रसेन प्रधान, राजा निर्मलकर, ललित कुंडलिका, रूपेंद्र नागर, भगतराम सोनी, मनोज यादव, प्रदीप देशमुख, शिव सारथी, गोपाल साहू, माधव देवदास, पूर्व विधायक जनकलाल ठाकुर सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रायपुर, 29 जून। छत्तीसगढ़िया सर्व समाज महासंघ की प्रांतीय बैठक रविवार को गुरु घासीदास संस्कृति भवन, रायपुर में महासंघ के अध्यक्ष रमेश यदु की अध्यक्षता में संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ ईष्ट देव की पूजा-अर्चना के साथ हुआ।बैठक में बालोद जिले के जमडीपाठ स्थित आदिवासी समाज के पूजा स्थल की भूमि पर कथित अवैध कब्जे के मुद्दे पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया। इस विषय सहित पांडेश्वर धाम से जुड़े मामलों के समाधान और आगे की रणनीति तय करने के लिए 40 सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया।बैठक में छत्तीसगढ़ के बाहर के व्यक्तियों को राज्य में भूमि बिक्री पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई। इसके साथ ही गाड़ा समाज के लिए बाजा बोर्ड, अघरिया पाल समाज के लिए भेड़ एवं ऊन संवर्धन बोर्ड, कलार समाज के लिए महुआ बोर्ड तथा शाकंभरी बोर्ड का गठन नहीं किए जाने पर राज्य सरकार की उपेक्षा का आरोप लगाया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सर्व आदिवासी समाज के विनोद नागवंशी ने जमडीपाठ प्रकरण की विस्तृत जानकारी दी। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम ने कहा कि सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश सरकार को ठोस पहल करनी चाहिए तथा संगठन की मजबूती पर बल दिया।पूर्व सांसद नंदकुमार साय ने कहा कि सभी समाजों को एकजुट होकर अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करना होगा। पूर्व आईजी अकबर राम कोर्राम ने बस्तर क्षेत्र में जंगलों की कटाई और बाहरी लोगों द्वारा कथित अवैध कब्जों पर चिंता व्यक्त करते हुए समय रहते प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता बताई।बैठक को युवराज सिन्हा, उग्रसेन, शिव सारथी, गोपाल साहू, पी.आर. यदु, राजा निर्मलकर, अश्विनी बबलू त्रिवेंद्र, बोधिराम निषाद, ललित काकड़े एवं राकेश वैष्णव सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया और आदिवासी समाज के समर्थन तथा सामाजिक एकता पर जोर दिया।कार्यक्रम का सफल संचालन महासंघ के अध्यक्ष रमेश यदु ने किया।बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम, पूर्व सांसद नंदकुमार साय, पूर्व आईजी अकबर राम कोर्राम, बी.एस. रावटे, युवराज सिन्हा, दिनेश चंद्राकर, अश्विनी बबलू त्रिवेंद्र, बोधिराम निषाद, राकेश वैष्णव, चित्रसेन प्रधान, राजा निर्मलकर, ललित कुंडलिका, रूपेंद्र नागर, भगतराम सोनी, मनोज यादव, प्रदीप देशमुख, शिव सारथी, गोपाल साहू, माधव देवदास, पूर्व विधायक जनकलाल ठाकुर सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

