ब्रेकिंग न्यूज :- ग्राम नकटा में 48.50 एकड़ बेसकीमती शासकीय चारागाह भूमि को हडपने, 50 करोड़ रूपये की भू – वित्तीय क्षति पहुचाने को लेकर परमानंद जांगडे ने की शासन से शिकायत |
· राजस्व अमला सहित भू माफियाओ के साठ-गाठ की खुली पोल , मान उच्च न्यायालय के आदेशो का तहशील दार ने किया अवमानना |
⚡⚡नया रायपुर के आस- पास कीमती शासकीय चारागन भूमि को हडपने का मामला सामने आयी है ,शासकीय भूमि को हथियाने का खेल परत- दर – परत अब धीरे- धीरे उठ रही है , राज्य सरकार नरुवा घुरवा बाड़ी के माध्यम से प्रदेश को खुशहाल समृद्ध बनाने की सपना सजोये हुई है , राज्य सरकार की इस योजना से गॉव की शासकीय चारागाह भूमि को चिन्हांकित किया जा रहा है , सरकार की इस योजना से पूर्व की भाजपा सरकार के दौरान कीमती सरकारी भूमि को निजी भूमि में परिवर्तित कर हडपने का मामला अब खुलते जा रहा है , जांगडे का आरोप है की प्रदेश के शासकीय बहु- कीमती भूमि को पूर्वर्ती सरकार में सफेद –पोस नेताओ , अधिकारियो के सरक्षण में लुटा गया है ,जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण दरबा , नकटा , की शासकीय भूमि का हडपने का मामला सबके सामने है | ग्राम पंचायत दरबा के बाद गांधीग्राम (नकटा) पटवारी हल्का नंबर 15 रा.नि.मंडल मंदिर हसौद तहसील आरंग में कुल 19.39 हैक्टेयर , 48.47 एकड़ भूमि को निजी भूमि में परिवर्तित करने का षड्यंत्र सामने आयी है , जांगडे ने इस फर्जीवाड़ा का खुलासा अपने शिकायत पत्र में किया है , जिसमे शामिलात खाते की शासकीय चारागन भूमि, जो गॉव के भिन्न, भिन्न वर्गो के प्रबुध्दगणजनों के नाम से सामूहिक खाते में दर्ज थे , जो क्रमश 1. रामगुलजारीलाल पिता जगमोहन 2. शोभाराम पिता भगवानी 3.मु.केजा बेवा शोभाराम 4. दुलारसिंग पिता जद्दू 5.विन्द्याचल पिता रामसिंग 6.बलिया / बिसाहू 7.मु.डेरहीन बेवा पनिया 8. चुरावन / जुड़ावन आदि दीगर कास्तकारान के नाम पर सामूहिक रूप से उक्त भूमि अभिलेख में दर्ज थे जिसका खसरा नंबर 2,3,7,13,79,97,102,109,216,351,362,389,528 कुल रकबा 19.39 हैक्टेयर है , वर्तमान में उक्त खसरा नये नंबर में परिवर्तित हुए है जो ,2/1 ,2/2, 2/3, 3, 7/1, 7/2, 13,79,97,102, 216 351,372,389,528, कुल रकबा 19.39 हैक्टेयर है , जो की वर्तमान राजस्व रिकार्ड में 1. शालिनी अग्रवाल पति निलेश अग्रवाल 2.ब्रिजेश अग्रवाल पिता कपिल अग्रवाल 3. शोभा अग्रवाल पति कपिल नारायण अग्रवाल 4. प्रियंका अग्रवाल पति ब्रिजेश अग्रवाल 5.आभा जौजे श्रीकांत अग्रवाल 6.पंकज कुमार झा पिता शारदानंद झा 7.में.जय बालाजी एंड एसो. द्वारा शोभा अग्रवाल के नाम उक्त शासकीय भूमि आज वर्तमान में खाते में दुरुस्ती कर चड़ा दिया गया है ,जो की उक्त भूमि का राजस्व अभिलेख के मिशल रिकार्ड ,अधिकार अभिलेख ,चकबंदी ,तथा वर्तमान अभिलेख में आज भी शामिलात चारागाह के रूप में दर्ज है , जिसे जानबूझ कर नियमो के विरुद्ध बटवारा करके नाम दुरुस्त किया गया है , जिसमे तत्कालिक पटवारी ,तहसीलदार ,एवं उल्लेखित खातेदार सहित 420 ,षड्यंत्र ,रिकार्ड में कुटरचना उक्त फर्जीवाड़ा से शासन को भू- क्षति के रूप में लगभग 50 करोड़ रूपये की वित्तीय क्षति पहुचाया गया है |जो अत्यंत गंभीर श्रेणी का फर्जीवाड़ा है , उक्त मामले पर स्पष्ठ रूप से देश की शीर्ष अदालतों ने अपने फैसले दिए है ,माननीय उच्च न्यायालय के सिविल अपील नं.1132/2011 एवं एसएलपी (सी )नं. 3109 /2011 जयपाल सिंग वगै.विरुद्ध पंजाब शासन एवं अन्य में पारित आदेश दिनांक 28/01/2011 के द्वारा सार्वजिक निस्तारी प्रायोजन के लिय चिन्हित एवं सुरक्षित भूमि को गैर सार्वजिक प्रयोजन हेतु प्रस्तावित आबंटित नही किये जाने हेतु निर्देशित किये है ,बौउजुद इस प्रकार सामिलात खाते की चारागाह भूमि जिसे माननीय न्यायालय बिलासपुर के रिट पिटीशन क्रमांक 116 /2010 पक्षकार छत्तीसगढ़ शासन विरुद्ध राजस्व मंडल एवं अन्य में पारित निर्णय दिनांक 28 जनवरी 2011 में शामिलात चरागन की भूमि को शासकीय भूमि माना है |
उनके उपरांत भी उक्त भूमि को निजी भूमि में परिवर्तित किये जाने का खेल चल रहा है , इस प्रकार के गंभीर मामले स्पस्ट रूप से सामने आने के बौजुद शिकायत पर समय में जाँच कार्यवाही नही होना , विभाग तथा शासन के कार्य प्रणाली पर सवाल खड़ा करता है, जिसके कारण इस प्रकार की गंभीर अनिमित्ता को बल मिलती है |
कलेक्टर, एस डी एम या कमिश्नर का वर्जन ।
परमानंद जांगडे ( शिकायतकर्ता पूर्व जिला पंचायत सदस्य रायपुर )
चारागाह भूमि को हडपने को लेकर ,पुष्टीकारक राजस्व अभिलेखों के साथ शिकायत किया हूँ ,उक्त शिकायत गंभीर फर्जीवाड़ा का है ,जिस पर प्रशासन प्राथमिक अपराध दर्ज कराकर समय सीमा में जाँच कार्यवाही को पूर्ण कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करे ,प्रेस के माध्यम से मांग करता हूँ |

