बलौदाबाजार जिले के सात पटवारी-राजस्व निरीक्षकों की सर्विस पर लगी लगाम

रायपुर। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में राजस्व निरीक्षक-पटवारियों द्वारा राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में शुरू की गई गिरदावरी जैसे बड़े काम को छोड़कर हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही हैं। जिला प्रशासन ने राजस्व निरीक्षक-पटवारियों पर कठोर कार्रवाई की शुरुआत करते हुए आज 7 कर्मचारियों की सर्विस ब्रेक कर दी है। साथ ही साथ किसान हित और जनहित में काम नहीं करने वाले हड़ताली कर्मचारियों को स्पष्ट तौर पर कड़ी चेतावनी भी दी गई है। जिला प्रशासन ने हड़ताल में शामिल प्रोबेशनर्स कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर नये पटवारी भर्ती करने की तैयारी कर रहे है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार किसानों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए किसानों के उत्पादन का बेहतर मूल्य प्रदान कर रही है, वहीं किसानों को ऋण मुक्त करने के लिए अल्पकालिन कृषि ऋण को माफ किया गया है। साथ ही ऐसे किसान जिन्होंने कृषि ऋण को बहुत दिनों से नहीं पटा पाए हैं उनके लिए भी वन टाईम सेटलमेंट के तहत ऋण माफ किए जाने का प्रयास राज्य सरकार कर रही है। ऐसे स्थिति में किसान हित को दरकिनार करते हुए हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों के ऊपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी के तहत जिला प्रशासन द्वारा कसडोल तहसील के राजस्व निरीक्षक श्री रमाकांत कैवर्त्य सहित पलारी तहसील के चार पटवारी- श्री धनेश बंजारे, श्री सुखीराम साहू, श्री जीतेन्द्र वर्मा और श्री रमेश धु्रव तथा भाटापारा तहसील के दो पटवारी- श्री राजीव तिवारी एवं श्री शेष नारायण साहू पर सर्विस ब्रेक की कार्रवाई की गई हैं। सर्विस ब्रेक कोई भी शासकीय कर्मी के लिए बड़ी सजा मानी जाती है। निलम्बन से भी यह कईं गुना बड़ी है। कर्मचारी की नौकरी शुरू होने से लेकर अब तक कि उसकी वरिष्ठता शून्य हो जाती है। नए सिरे से उन्हें अपनी नौकरी फिर से शुरू मानी जाएगी।

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