पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के मुखिया दिलीप घोष विवादों में घिर गए हैं। दरअसल एक रैली के दौरान उन्होंने राज्य की पुलिस और टीएमसी के खिलाफ
भड़काऊ भाषण दिया था। उनपर आरोप है कि उन्होंने अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं को टीएमसी के कार्यकर्ताओ और पुलिस को पीटने के लिए उकसाया है।
उन्होंने पुलिस को चेताया है कि वह उन्हें नंगा दौड़ाएंगे और लोगों के बीच पीटेंगे। यही नहीं उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को जेल भेजा जा सकता है तो टीएमसी के लोग सिर्फ मच्छर-मक्खी हैं। घोष के इस विवादित बयान के बाद उनके खिलाफ हिंसा भड़काने का केस दर्ज किया गया है।
पूर्व मिदनापुर
के मेछड़ा इलाके में सोमवार की रात हुई रैली में घोष ने कहा कि पुलिस और टीएमसी, उन्हें मारो, फेंक दो, मैं इसकी जिम्मेदारी ले लूंगा। मैं कह रहा हूं कि अगर आप उन्हें नहीं पीटते हैं, तो आप सच्चे भाजपा कार्यकर्ता नहीं हैं।
टीएमसी नेता पार्था चटर्जी ने घोष के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी मानसिकता विक्षिप्त है। इस तरह के भड़काऊ भाषण देकर वह प्रदेश में हिंसा को भड़काना चाहते हैं और प्रदेश की शांति व स्थिरता को अस्थिर करना चाहते हैं।
वहीं घोष का कहना है कि पुलिस ने उनके खिलाफ
पहले ही 22 मामले दर्ज कर लिए हैं, लेकिन अगर उनकी पार्टी और कार्यकर्ताओं पर हमला ह होता है तो वह आगे भी बोलना जारी रखेंगे। पिछले एक वर्ष की बात करें तो प्रदेश में राजनीतिक हिंसा का दौर लगातार बढ़ा है। भाजपा और टीएमसी के कार्यकर्ताओं के बीच कई बार
हिंसा की खबरें सामने आ चुकी है। यही नहीं भाजपा ने इस मुद्दे को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने भी उठाया था, जिसके बाद सेंट्रल एडवायजरी राज्य सरकार को जारी की गई थी।

