कांकेर में शहीद दिवस पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम क्रांतिकारियों के बलिदान को नमन, युवाओं को मिला प्रेरणा संदेश

कांकेर में शहीद दिवस पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम

क्रांतिकारियों के बलिदान को नमन, युवाओं को मिला प्रेरणा संदेश
कांकेर। उत्तर बस्तर कांकेर जिले में शहीद दिवस के अवसर पर एक भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कांकेर थाना के सामने छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ, उत्तर बस्तर कांकेर के तत्वावधान में देश के महान क्रांतिकारियों भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनका शहीद दिवस मनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनके बलिदान को याद करते हुए राष्ट्रभक्ति का संकल्प लिया।
शहीद दिवस का ऐतिहासिक महत्व बताया गया
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बताया कि 23 मार्च 1931 का दिन भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है, जब इन तीनों वीर सपूतों ने लाहौर जेल में हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूमकर देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उनका यह बलिदान आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है।
भगत सिंह के विचारों को किया गया याद
भगत सिंह को एक महान क्रांतिकारी विचारक के रूप में याद किया गया, जिन्होंने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का नारा देकर पूरे देश में आजादी की अलख जगाई। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए सांडर्स वध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सुखदेव और राजगुरु के योगदान पर प्रकाश
सुखदेव थापर को हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के प्रमुख रणनीतिकार के रूप में याद किया गया, जिन्होंने क्रांतिकारी गतिविधियों को संगठित किया। वहीं शिवराम राजगुरु को एक निडर और साहसी क्रांतिकारी बताया गया, जिन्होंने भगत सिंह के साथ मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया।
गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में कांकेर ट्रैफिक इंचार्ज दीपक साव, ट्रैफिक हवलदार वेद मंडावी, जन सहयोग समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी, पूर्व पार्षद एवं नगर पालिका सभापति सतीश दीपक, वरिष्ठ पत्रकार गणेश तिवारी (अध्यक्ष, श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ), पत्रकार राजेश ठाकुर, संजय मंशानी, अमित साहू सहित पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, नागरिक एवं पत्रकार साथी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
युवाओं को दिया गया राष्ट्र निर्माण का संदेश
वक्ताओं ने कहा कि इन क्रांतिकारियों का जीवन त्याग, साहस और देशभक्ति की मिसाल है। युवाओं को उनके आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसमें सभी ने देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।

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