भारत के शीर्ष 5 पर्यावरण योद्धाओं में चयनित हुए अमिताभ दुबे, ‘पर्यावरण रत्न सम्मान-2026’ से सम्मानित



भारत के शीर्ष 5 पर्यावरण योद्धाओं में चयनित हुए अमिताभ दुबे, ‘पर्यावरण रत्न सम्मान-2026’ से सम्मानित।
विश्व पर्यावरण दिवस पर मिला राष्ट्रीय सम्मान; पर्यावरण, जल संरक्षण, वृक्षारोपण एवं जनजागरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को मिली पहचान
रायपुर। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (पंजीकृत) द्वारा देश के चुनिंदा पर्यावरणविदों को “पर्यावरण रत्न सम्मान-2026” से सम्मानित किया गया। देशभर से चयनित मात्र 5 पर्यावरण योद्धाओं में छत्तीसगढ़ के पर्यावरण प्रहरी एवं ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ के संस्थापक अमिताभ दुबे को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता एवं जनजागरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया।
अमिताभ दुबे विगत 11 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सतत कार्यरत हैं। उनके नेतृत्व में ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ के 3000 से अधिक सदस्य सक्रिय रूप से पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरण अभियान चला रहे हैं। संगठन का विस्तार प्रदेश के 17 जिलों तक हो चुका है तथा लगभग 25 गांवों में इसकी ग्रामीण इकाइयां कार्यरत हैं।
ग्रीन आर्मी द्वारा अब तक छत्तीसगढ़ में 5 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया जा चुका है, जिनमें लगभग 80 प्रतिशत पौधे आज भी सुरक्षित एवं जीवित हैं। संस्था वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन पर भी विशेष ध्यान देती है।
सिंगल यूज प्लास्टिक के उन्मूलन हेतु प्रतिवर्ष 25 हजार से अधिक कपड़े के झोलों का वितरण किया जाता है तथा 125 से अधिक सामुदायिक भवनों, होटलों एवं कार्यालयों में प्लास्टिक मुक्त अभियान संचालित किया गया है। प्रत्येक शनिवार रायपुर के विभिन्न बाजारों में पॉलीथिन मुक्त जनजागरण अभियान चलाकर व्यापारियों एवं नागरिकों को जागरूक किया जाता है।
पर्यावरण शिक्षा एवं जनजागरण के क्षेत्र में भी संस्था का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रतिवर्ष 125 से अधिक स्कूलों एवं कॉलेजों में पर्यावरण संरक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। वहीं अमिताभ दुबे स्वयं 1000 से अधिक पर्यावरण जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन कर चुके हैं।
विगत 11 वर्षों से प्रत्येक बुधवार ग्रीन आर्मी की नियमित बैठकें आयोजित की जाती हैं, जिनके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता एवं सामाजिक नेतृत्व के लिए नए पर्यावरण योद्धाओं का निर्माण किया जाता है।
जल संरक्षण के क्षेत्र में भी अमिताभ दुबे ने उल्लेखनीय कार्य किए हैं। सार्वजनिक स्थानों पर बिना टोंटी वाले नलों से व्यर्थ बह रहे लाखों लीटर पानी को बचाने के लिए ऐसे नलों की पहचान कर संबंधित विभागों के माध्यम से उन्हें सुधरवाने की पहल की गई, जिससे व्यापक स्तर पर जल संरक्षण संभव हुआ।
वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री Raman Singh द्वारा “हरियर छत्तीसगढ़ अभियान” में वन विभाग के साथ उत्कृष्ट सहयोग एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यों के लिए उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया था। इसके अतिरिक्त रायपुर नगर निगम द्वारा उन्हें स्वच्छता एम्बेसडर की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।
राष्ट्रीय आपदा कोरोना महामारी के दौरान अमिताभ दुबे के नेतृत्व में ग्रीन आर्मी की 45 सदस्यीय टीम ने शासन-प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं जनसेवा कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने एवं जनजागरण के कार्यों में टीम का योगदान सराहनीय रहा।
रायपुर के ऐतिहासिक बूढ़ातालाब संरक्षण आंदोलन में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। लगभग 2500 नागरिकों, विद्यार्थियों एवं सामाजिक संगठनों को जोड़कर जनआंदोलन खड़ा किया गया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 1100 ट्रक मलबा निकालकर तालाब को स्वच्छ बनाया गया।
इसी प्रकार गजराज बांध (बोरियाखुर्द) के 230 एकड़ क्षेत्र को बचाने हेतु व्यापक जनआंदोलन चलाया गया। मुख्यमंत्री, राज्यपाल, उपमुख्यमंत्री, पर्यावरण मंत्री, सांसदों एवं जनप्रतिनिधियों से लगातार संवाद स्थापित कर जलाशय संरक्षण की मांग को मजबूती प्रदान की गई।
महाराजा बांध तालाब (पुरानी बस्ती) संरक्षण अभियान के अंतर्गत ग्रीन आर्मी एवं स्थानीय नागरिकों के साथ लगातार 32 दिनों तक श्रमदान कर 74 से अधिक ट्रक कचरा एवं मलबा निकालकर तालाब संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। वर्तमान में कल्याण सागर गदही तालाब संरक्षण अभियान के तहत पिछले 16 सप्ताह से लगातार सफाई एवं जनजागरण अभियान संचालित किया जा रहा है।
रायपुर स्थित इंदिरा प्रियदर्शिनी गार्डन की हरित धरोहर को बचाने के लिए भी अमिताभ दुबे ने जनहित में संघर्ष किया तथा आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय में भी कानूनी लड़ाई लड़ी।
धार्मिक स्थलों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के उद्देश्य से 125 मंदिरों के पुजारियों, मठाधीशों एवं धर्माचार्यों की संयुक्त बैठक आयोजित कर मंदिरों एवं देवालयों को पॉलीथिन मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया तथा व्यापक जनजागरण अभियान चलाया गया।
सम्मान प्राप्ति पर अमिताभ दुबे ने कहा, “पर्यावरण रत्न सम्मान-2026 मैं ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ के सभी पर्यावरण योद्धाओं, स्वयंसेवकों, प्रशिक्षकों, विद्यार्थियों, मातृशक्ति, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं प्रकृति प्रेमियों को समर्पित करता हूं। यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों के सामूहिक समर्पण, परिश्रम और पर्यावरण के प्रति प्रेम का सम्मान है जिन्होंने वर्षों से निस्वार्थ भाव से धरती, जल, जंगल और पर्यावरण की रक्षा के लिए कार्य किया है।”
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है और ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ इस दिशा में निरंतर कार्य करती रहेगी।
इस उपलब्धि पर प्रदेशभर के सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक, पर्यावरणीय एवं जनसंगठनों ने अमिताभ दुबे एवं ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *