*किसानों की आवश्यकता के अनुरूप खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करें सरकार- कांग्रेस*

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी


*किसानों की आवश्यकता के अनुरूप खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करें सरकार- कांग्रेस*
रायपुर 07 जून 2026। किसानों की आवश्यकता के अनुसार खाद उपलब्ध नहीं करवा पाने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यह सरकार जानबूझ कर ठोस प्रयास नहीं कर रही है, पूरे प्रदेश में खरीफ बुवाई का समय आ चुका है और सरकार की बदनीयती से किसानों को यूरिया और डीएपी (DAP) की सीमित आपूर्ति के कारण खाद संकट का सामना करना पड़ रहा है। यह सरकार तरह-तरह के बहाने बनाकर अड़ंगे लगा रही है। किसानों को पिछले खरीफ सीजन में दिए गए डीएपी की मात्रा से 40 प्रतिशत और यूरिया में 20 प्रतिशत कम देने का तुगलकी फरमान जारी किया गया है। सहकारी समितियों से खाद का कोटा तय करके (प्रति एकड़ के हिसाब से) कम खाद का वितरित किया जा रहा है। पिछले साल तक किसानों को सोसायटी से नगदी और सामग्री का अनुपात 60:40 था जिसे अब घटाकर 70:30 कर दिया गया है अर्थात खाद बीज (सामग्री) लेने की की लिमिट 10 प्रतिशत घटा दिया गया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यह सरकार किसानों को हर बात के लिए लाइन लगाने मजबूर कर रही है, पहले एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन की बाध्यता, फिर किसान पहचान पत्र की अनिवार्यता, अब किसानों को टोकन के माध्यम से ही खाद देने का फरमान जारी किया गया है, इसके तहत छोटे किसानों को एक टोकन में और बड़े किसानों को उनकी भूमि के अनुसार दो और तीन किस्तों में खाद दी जा रही है। इस सरकार के अव्यावहारिक निर्णयों से किसान हलाकान है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि एक तरफ यह सरकार एनपीके को डीएपी का विकल्प बता रही है, दूसरी तरफ एन पी के और पोटास के दाम में 15 और 30 प्रतिशत की वृद्धि कर देती है, यह कैसा विकल्प? यह तो किसानों पर दुगुना आर्थिक बोझ है। वैकल्पिक खाद, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी की गुणवत्ता पर किसानों को भरोसा नहीं है। भाजपा की सरकार में छत्तीसगढ़ नकली खाद नकली बीज अमानत दावों को खपाने का संरक्षण स्थल बन चुका है सत्ता के संरक्षण में जमकर कालाबाजारी हो रही है किस शोषण के शिकार हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यदि खाद की आपूर्ति कम है तो सरकार को उर्वरक भंडारण में सहकारी सोसाइटियों को प्राथमिकता देना चाहिए लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है, सोसाइटियों में खाद नहीं है लेकिन निजी दुकानों में अधिक कीमत पर उपलब्ध है? भाजपा की सरकार में बैठे नेता मंत्री केवल मीडिया में बयान देकर अपने कर्तव्य की पूर्ति समझ लिए है। भाजपा की सरकार आदतन किसान विरोधी है, पिछले खरीफ सीजन में खाद का संकट छत्तीसगढ़ के किसानों ने भोगा हैं, अब फिर वही स्थिति बन रही है।
सुरेंद्र वर्मा मुख्य प्रवक्ता छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटीमोबाइल 9826274000

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