*धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के बाद भी धर्मांतरण नहीं रोक पा रही है सरकार*

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी


*धर्मांतरण के नाम पर दंगा, सरकार की विफलता – कांग्रेस*
*धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के बाद भी धर्मांतरण नहीं रोक पा रही है सरकार*
रायपुर/09 जून 2026। धर्मांतरण को लेकर हो रहे दंगे और वर्ग संघर्ष को सरकार की विफलता करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा की सरकार आने के बाद से ही बस्तर, कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, सुकमा, रायगढ़, कुनकुरी, सरगुजा समेत पूरे प्रदेश में धर्मांतरण एक गंभीर सामाजिक विवाद और वर्ग संघर्ष का रूप ले चुका है। सत्ता के संरक्षण में विशेष रूप से आदिवासी बहुल क्षेत्रों बस्तर और सरगुजा संभाग में इरादतन षडयंत्र पूर्वक सांप्रदायिक वैमनस्य भड़काने का कुत्सित प्रयास जारी है। नया धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू हो चुका है, तो उसके तहत कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है? दंगा करने वाले, असामाजिक तत्वों को आखिर किसका संरक्षण है? उन्मादियों का मनोबल दिनों-दिनों क्यों बढ़ रहा है?
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि एक तरफ भाजपा और आरएसएस स्थानीय मूलनिवासी आदिवासियों को वनवासी कह कर अपमानित करती है, भाजपा के ही नेता कहते हैं कि जनगणना के कॉलम में हिंदू या ईसाई के स्थान पर आदिवासी लिखें दूसरी ओर हिंदू आदिवासी बनाम धर्मांतरित आदिवासी का मुहिम चला रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक लाने के बाद भी यह सरकार धर्मांतरण नहीं रोक पा रही है, असलियत यह है कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता धर्मांतरण रोकने की है ही नहीं बल्कि इस विषय में केवल राजनीतिक रोटी सेकना चाहती है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय आदिवासियों के बीच यह सरकार गहरा ध्रुवीकरण पैदा कर रही है। विवाद और वर्ग संघर्ष के प्रमुख कारण भाजपा की विभाजनकारी नीति है। यह सरकार आदिवासी संस्कृति में टकराव करवा रही है, सामाजिक और सांस्कृतिक दूरियां बढ़ा रही है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार केवल अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए ध्रुवीकरण करना चाहती है। डर या लालच से धर्मांतरण न केवल गैर कानूनी है बल्कि असंवैधानिक भी है, नए कानून के बाद भी प्रदेश में धर्मांतरण नहीं रोक पाना इस सरकार की असफलता है। तनाव, बहिष्कार, दंगा, लिंचिंग और हिंसा की घटनाओं के लिए सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए, ऐसी घटनाएं गृह विभाग सहित पूरे सरकार की घोर असफलता है। संविधान की शपथ लेकर भाजपाई नफ़रत फैला रहे हैं, उन्माद भड़का रहे हैं, यदि अनुचित तरीके से कहीं पर सामूहिक धर्मांतरण हो रहा है तो इसे रोकना और उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही करना सरकार का दायित्व है न कि वर्ग संघर्ष को बढ़ावा देना।
सुरेंद्र वर्मामुख्य प्रवक्ताछत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटीमोबाइल नं. 98262-74000

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