नगर निगम का बुलडोजर सिर्फ गरीबों के लिए क्यों? रसूखदारों के पार्किंग उल्लंघन पर प्रशासन मौन: प्रदुमन शर्मा



नगर निगम का बुलडोजर सिर्फ गरीबों के लिए क्यों? रसूखदारों के पार्किंग उल्लंघन पर प्रशासन मौन: प्रदुमन शर्मा
रायपुर, छत्तीसगढ़ | दिनांक: 13 मार्च 2026
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण आयोग के छत्तीसगढ़ प्रदेश महासचिव श्री प्रदुमन शर्मा ने रायपुर शहर में नगर निगम द्वारा की जा रही भेदभावपूर्ण कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने रायपुर की माननीय महापौर को एक पत्र लिखकर प्रशासन की ‘दोहरी कार्यप्रणाली’ पर सवाल उठाए हैं और रसूखदार संस्थानों द्वारा किए जा रहे पार्किंग नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
श्री शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रशासन का पूरा जोर केवल छोटे ठेले-खोमचे वालों और निर्धन वर्ग की रोजी-रोटी छीनने पर केंद्रित है। दूसरी ओर, शहर के बड़े शॉपिंग मॉल, प्राइवेट स्कूल, मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल, बड़े होटल्स और मैरिज गार्डन बिना वैध पार्किंग स्पेस के धड़ल्ले से चल रहे हैं। रसूखदार संस्थानों के वाहन सड़कों पर खड़े होने के कारण लगने वाला जाम आम नागरिकों के ‘निबाध आवागमन’ (Freedom of Movement) के अधिकार का सीधा उल्लंघन है। शिकायत में यह स्पष्ट किया है कि कई संस्थानों ने कागजों पर तो पार्किंग दिखाई है, लेकिन धरातल पर वहां दुकानें या गोदाम बना लिए गए हैं। यह सीधे तौर पर नगर निगम अधिनियम और भ्रष्टाचार का गंभीर मामला है।
प्रदुमन शर्मा ने प्रशासन से निष्पक्षता की मांग करते हुए कहा है कि: “नगर निगम का बुलडोजर केवल निर्बलों के लिए नहीं होना चाहिए। जिस प्रकार गरीबों के ठेले हटाए जा रहे हैं, उसी प्रकार उन रसूखदार भवनों को भी चिह्नित कर सील किया जाए जिन्होंने पार्किंग की जगह का व्यावसायिक उपयोग किया है। प्रशासन अपनी इस भेदभावपूर्ण नीति से अपनी छवि ‘गरीब विरोधी’ न बनने दे।”
उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने इन रसूखदार संस्थानों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो इसे मानवाधिकारों और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध माना जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *