*रिश्वतखोर नायब तहसीलदार कमलेश कुमार मिरी को तीन साल की जेल*
जशपुरनगरः पांच वर्ष पूर्व रिश्वत लेते पकड़े गए जशपुर के नायब तहसीलदार कमलेश कुमार मिरी को विशेष न्यायालय ने मंगलवार को तीन साल के लिए जेल भेज दिया। निर्णय सुनते ही मिरी कोर्ट रूम में बेहोश हो गया। एंटी करप्शन ब्यूरो ने मिरी को 27 अगस्त 2020 को 50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
लोक अभियोजक सीपी सिंह के अनुसार अनोज गुप्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो, अंबिकापुर में जमीन नामातंरण के एवज में नायब तहसीलदार द्वारा तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी। इस पर कार्रवाई
करते हुए जांच एजेंसी ने नायब तहसीलदार मिरी की आवाज डिजिटल वायस रिकार्डर में रिकार्ड कराकर पुष्टि की थी। निर्णय के दौरान आरोपित कमलेश मिरी न्यायालय में मौजूद था। न्यायधीश सत्येंद्र साहू ने जैसे ही निर्णय सुनाया, वह बेहोश होकर गिर गया। न्यायालय में ही उसका उपचार करके होश में लाया गया और फिर जेल भेज दिया गया।
अगस्त की सुबह 11 बजे एसीबी ने पुराना कलेक्टर कार्यालय स्थित तहसीलदार के आफिस में दबिश दी और उसे रंगे हाथ पकड़ लिया अनोज गुप्ता ने बताया कि उन्होनें शहर के नजदीक बालाछापर में विजय कुमार सोनी से 10 डिसमिल जमीन खरीदी थी। इस जमीन के पंजीकरण के बाद उन्होनें नामांतरण और ऋण पुस्तिका के लिए पटवारी कार्यालय में आवेदन दिया था। आवेदन को आगे बढ़ाने के लिए नायब तहसीलदार से मिलने को कहा गया। जब उन्होंने नायब तहसीलदार कमलेश मिरी से मुलाकात की तो उन्होंने तीन लाख रुपये की मांग की थी। वह रिश्वत की राशि लेने के लिए उनके घर भी आया था।

