*पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा में “बकरीपालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न*
पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा, दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनू विश्वविदयालय, अंजोरा, दुर्ग (छ.ग.) में बकरी पालक किसानों एवं उद्यमियों के विशेष मांग पर ‘बकरीपालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास’ में प्रशिक्षण कार्यक्रम के तृतीय बैच दिनांक 06 से 08 अगस्त, 2024 तक सम्पन्न हुआ, जिसमें बकरी पालन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे छत्तीसगढ में बकरी पालन की संभावनायें, छत्तीसगढ की जलवायु के लिये उपयुक्त नस्ले, उनका आवास एवं सामान्य प्रबंधन, भोजन का प्रबंधन, बकरियों में आकस्मिक शल्य चिकित्सा एवं प्राथमिक उपचार, बकरियों में होने वाली महत्वपूर्ण बीमारियां, उनका टीकाकरण, रोकथाम, छत्तीसगढ एवं भारत सरकार दवारा बकरी पालन व्यवसाय को बढावा देने के लिये चलाई जा रही वाली महत्वपूर्ण योजनाये जैसे एन.एल.एम एवं नाबार्ड पोषित योजनाये, आवेदन प्रक्रिया, बैंक लोन की प्रक्रिया, छत्तीसगढ राज्य में बकरीपालन में संभावनायें के बारे में विभिन्न विषय विशेषज्ञों के द्वारा सारगर्भित व्याख्यान एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें छत्तीसगढ एवं अन्य राज्यों के 68 किसानों एवं उद्यमियों ने प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के अन्त में विश्वविद्यालय के कुलपति डा. आर. आर.बी. सिंह, पशुधन विकास विभाग के अतिरिक्त संचालक डा. लक्ष्मी अजगले, कुलसचिव डा. आर. के. सोनवाने, पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा, दुर्ग के अधिष्ठाता डा. संजय शाक्य एवं प्रशिक्षण प्रभारी डा. रामचंद्र रामटेके ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित कर इनके उज्वल्ल भविष्य की कामना की गई।

