सुरों में सजी यादें, रफी को भावभीनी श्रद्धांजलि
एक शाम रफी जी के नाम कार्यक्रम में गूंजे सदाबहार गीत
कांकेर में संगीत प्रेमियों ने मनाई रफी की यादगार संगीतमय संध्यादेर रात तक चली सुरों की महफिल, कलाकारों की प्रस्तुतियों ने जीता दिल
सुरों के सरताज को संगीतमय श्रद्धांजलि, यादगार बनी संध्या
कांकेर। जिले में संगीत प्रेमियों ने सुरों के जादूगर और भारतीय फिल्म संगीत के अमर गायक मोहम्मद रफी की स्मृति को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक शाम रफी जी के नाम कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया। पुराना कम्युनिटी ग्राउंड में आयोजित इस संगीतमय संध्या में श्री संगीत ग्रुप कांकेर के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक सदाबहार गीतों की प्रस्तुति देकर ऐसा माहौल बनाया कि पूरा परिसर संगीत की मधुर स्वर लहरियों से गूंज उठा। कार्यक्रम में मौजूद श्रोताओं ने हर प्रस्तुति का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया और देर रात तक कलाकारों का उत्साह बढ़ाते रहे।
दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पांजलि से हुई शुरुआत, रफी की याद में झूम उठा कांकेर
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके बाद मोहम्मद रफी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। आयोजन में नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक मुख्य अतिथि तथा दैनिक भास्कर के चीफ ब्यूरो राजेश शर्मा विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। दोनों अतिथियों ने संगीत प्रेमियों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि रफी जैसे महान कलाकार कभी भुलाए नहीं जा सकते और उनके गीत आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे। आयोजन में उपस्थित सभी लोगों ने रफी के गीतों के माध्यम से उन्हें याद किया और उनकी अमर गायकी को नमन किया।
कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने बांधा समां, रात दो बजे तक गूंजते रहे सुर
पूरे कार्यक्रम के दौरान श्री संगीत ग्रुप के कलाकारों ने अपनी गायन प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। मंच पर प्रस्तुत हुए प्रत्येक कलाकार ने रफी के लोकप्रिय गीतों को अपनी शैली में प्रस्तुत कर श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम देर रात लगभग दो बजे तक लगातार चलता रहा और पूरे समय दर्शक पूरे उत्साह के साथ मौजूद रहे। मंच संचालन कल्पना ध्रुव जायसवाल और रमेश ध्रुव ने सहज, रोचक और प्रभावशाली अंदाज में किया, जिससे कार्यक्रम की गति और आकर्षण लगातार बना रहा।
सदाबहार गीतों की गूंज से मंत्रमुग्ध हुए श्रोता
कार्यक्रम में प्रस्तुत किए गए गीतों ने सुनहरे दौर की यादें ताजा कर दीं। नीतीश तुरकर ने “तुम मुझे यूं भुला न पाओगे”, दीपक मुखर्जी ने “तेरे मेरे सपने”, अजय गुप्ता और गीता गुप्ता ने “कितना प्यारा वादा है”, रमेश ध्रुव ने “कौन है जो सपनों में आया”, कल्पना जायसवाल और रमेश ध्रुव ने “ओ हसीना जुल्फों वाली”, बलराम भट्ट ने “दर्दे दिल दर्दे जिगर”, प्रीति शर्मा और सोमेश शर्मा ने “सर पे टोपी लाल”, संतोष शर्मा ने “तुम जो मिल गए हो”, नंद किशोर शर्मा ने “वादियां मेरा दामन”, रेशम वारे ने “ये रेशमी जुल्फें”, पी. एल. सरल ने “गुलाबी आंखें”, संतोष जोशी और ज्योति जोशी ने “छुप गए सारे नजारे”, लिखित यादव ने “पुकारता चला हूं मैं”, ताप्ती मुखर्जी ने “दीवाना हुआ बादल” तथा विजय गुप्ता ने “ये मेरा प्रेम पत्र पढ़कर” जैसे सदाबहार गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हर गीत के साथ श्रोताओं की तालियां और उत्साह कार्यक्रम को और भी यादगार बनाता रहा।
अतिथि ने भी सुनाया गीत, सहयोगियों के सम्मान के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम की एक विशेष झलक तब देखने को मिली जब विशेष अतिथि राजेश शर्मा ने भी मंच पर आकर “गुलाबी आंखें जो तेरी देखीं” गीत गुनगुनाया। उनकी प्रस्तुति को भी दर्शकों ने खूब सराहा। आयोजन की सफलता में दीपक मुखर्जी, ताप्ती मुखर्जी, अजय गुप्ता, गीता गुप्ता, बलराम भट्ट, प्रीति शर्मा, सोमेश शर्मा, संतोष शर्मा, नंद किशोर शर्मा, नीतीश तुरकर, पी. एल. सरल, रेशम वारे, विजय गुप्ता, संतोष जोशी, ज्योति जोशी, लिखित यादव सहित सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में आयोजन से जुड़े सभी पदाधिकारियों, कलाकारों, सहयोगियों एवं उपस्थित संगीत प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
कांकेर में संगीत प्रेमियों ने मनाई रफी की यादगार संगीतमय संध्यादेर रात तक चली सुरों की महफिल, कलाकारों की प्रस्तुतियों ने जीता दिल
सुरों के सरताज को संगीतमय श्रद्धांजलि, यादगार बनी संध्या
कांकेर। जिले में संगीत प्रेमियों ने सुरों के जादूगर और भारतीय फिल्म संगीत के अमर गायक मोहम्मद रफी की स्मृति को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक शाम रफी जी के नाम कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया। पुराना कम्युनिटी ग्राउंड में आयोजित इस संगीतमय संध्या में श्री संगीत ग्रुप कांकेर के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक सदाबहार गीतों की प्रस्तुति देकर ऐसा माहौल बनाया कि पूरा परिसर संगीत की मधुर स्वर लहरियों से गूंज उठा। कार्यक्रम में मौजूद श्रोताओं ने हर प्रस्तुति का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया और देर रात तक कलाकारों का उत्साह बढ़ाते रहे।
दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पांजलि से हुई शुरुआत, रफी की याद में झूम उठा कांकेर
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके बाद मोहम्मद रफी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। आयोजन में नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक मुख्य अतिथि तथा दैनिक भास्कर के चीफ ब्यूरो राजेश शर्मा विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। दोनों अतिथियों ने संगीत प्रेमियों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि रफी जैसे महान कलाकार कभी भुलाए नहीं जा सकते और उनके गीत आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे। आयोजन में उपस्थित सभी लोगों ने रफी के गीतों के माध्यम से उन्हें याद किया और उनकी अमर गायकी को नमन किया।
कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने बांधा समां, रात दो बजे तक गूंजते रहे सुर
पूरे कार्यक्रम के दौरान श्री संगीत ग्रुप के कलाकारों ने अपनी गायन प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। मंच पर प्रस्तुत हुए प्रत्येक कलाकार ने रफी के लोकप्रिय गीतों को अपनी शैली में प्रस्तुत कर श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम देर रात लगभग दो बजे तक लगातार चलता रहा और पूरे समय दर्शक पूरे उत्साह के साथ मौजूद रहे। मंच संचालन कल्पना ध्रुव जायसवाल और रमेश ध्रुव ने सहज, रोचक और प्रभावशाली अंदाज में किया, जिससे कार्यक्रम की गति और आकर्षण लगातार बना रहा।
सदाबहार गीतों की गूंज से मंत्रमुग्ध हुए श्रोता
कार्यक्रम में प्रस्तुत किए गए गीतों ने सुनहरे दौर की यादें ताजा कर दीं। नीतीश तुरकर ने “तुम मुझे यूं भुला न पाओगे”, दीपक मुखर्जी ने “तेरे मेरे सपने”, अजय गुप्ता और गीता गुप्ता ने “कितना प्यारा वादा है”, रमेश ध्रुव ने “कौन है जो सपनों में आया”, कल्पना जायसवाल और रमेश ध्रुव ने “ओ हसीना जुल्फों वाली”, बलराम भट्ट ने “दर्दे दिल दर्दे जिगर”, प्रीति शर्मा और सोमेश शर्मा ने “सर पे टोपी लाल”, संतोष शर्मा ने “तुम जो मिल गए हो”, नंद किशोर शर्मा ने “वादियां मेरा दामन”, रेशम वारे ने “ये रेशमी जुल्फें”, पी. एल. सरल ने “गुलाबी आंखें”, संतोष जोशी और ज्योति जोशी ने “छुप गए सारे नजारे”, लिखित यादव ने “पुकारता चला हूं मैं”, ताप्ती मुखर्जी ने “दीवाना हुआ बादल” तथा विजय गुप्ता ने “ये मेरा प्रेम पत्र पढ़कर” जैसे सदाबहार गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हर गीत के साथ श्रोताओं की तालियां और उत्साह कार्यक्रम को और भी यादगार बनाता रहा।
अतिथि ने भी सुनाया गीत, सहयोगियों के सम्मान के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम की एक विशेष झलक तब देखने को मिली जब विशेष अतिथि राजेश शर्मा ने भी मंच पर आकर “गुलाबी आंखें जो तेरी देखीं” गीत गुनगुनाया। उनकी प्रस्तुति को भी दर्शकों ने खूब सराहा। आयोजन की सफलता में दीपक मुखर्जी, ताप्ती मुखर्जी, अजय गुप्ता, गीता गुप्ता, बलराम भट्ट, प्रीति शर्मा, सोमेश शर्मा, संतोष शर्मा, नंद किशोर शर्मा, नीतीश तुरकर, पी. एल. सरल, रेशम वारे, विजय गुप्ता, संतोष जोशी, ज्योति जोशी, लिखित यादव सहित सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में आयोजन से जुड़े सभी पदाधिकारियों, कलाकारों, सहयोगियों एवं उपस्थित संगीत प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

