बाघ को भाया बारनवापारा का जंगल, ट्रैक कर रही टीम
रायपुर :- बारनवापारा का जंगल बाघ को काफी पसंद आ रहा है। यहां बाघ की मौजदूगी से जुड़े प्रमाण लगातार सामने आ रहे हैं। वन विभाग के अफसरों की मानें तो बाघ पूरी तरह सुरक्षित है, उसके स्वास्थ्य को लेकर विभाग सतर्क है। अभी बाघ के मलमूत्र आदि को इकट्टा करके स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। अभी तक किसी तरह के जन हानि नहीं पहुंचाई है। बता दें कि छत्तीसगढ़ में अन्य प्रदेश से भटककर एक बाघ पहुंचा है। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के सीसीएफ वाइल्ड लाइफ विश्वेस झा ने बताया कि अभी बाघ सुरक्षित जंगल में है। वह जंगली जानवरों का ही अपना शिकार बना रहा है। उन्होंने बताया कि बाघ की हर मूवमेंट पर टीम की नजर है। बांघ की सुरक्षा और मानव आबादी क्षेत्र में जाने से रोकने के लिए तीन से अधिक ट्रेकिंग टीम बलौदाबाजार, महासमुंद वन क्षेत्र में लगातार ट्रेकिंग कर रही है। इसके अलावा निजी संस्था का भी सहारा लिया जा रहा है। जन-जागरूकता के लिए अलग-अलग टीम बनाकर ग्रामीणों को सतर्क रहने और जिस तरह में बाघ का मूवमेंट है, वहां जाने से रोकने के लिए गांव-गांव में मुनियादी भी करा रहे। इसके अलावा 50 से अधिक ट्रेकिंग कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बाघ को सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। कई रणनीति पर काम : फिलहाल बाघ को सुरक्षित करने के लिए वनं विभाग अफसर लगे हुए हैं।

