शराब घोटाला : – आबकारी भवन में चली घंटों जांच 13 ठिकानों से दस्तावेज और इलेक्ट्रानिक डिवाइस जब्त
रायपुर दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के शराब घोटाला मामले में ईओडब्लू और एसीबी की कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी (सोमवार को) 13 जगहों पर जारी रही। जांच
अधिकारियों ने शराब घोटाले से जुड़े दस्तावेज के साथ इलेक्ट्रानिक गैजेट्स इन ठिकानों से जब्त किए। ईओडब्लू व एसीबी के अफसर शराब घोटाले की सबूत जुटाने आबकारी भवन पहुंची। शराब घोटाले से जुड़े मामले में पड़ताल करने ईओडब्लू और एसीबी की टीम सोमवार दोपहर के समय आबकारी भवन पहुंची। जांच टीम में राजपत्रित अफसरों के अलावा कर्मी शामिल थे। टीम लगभग चार से पांच घंटे तक आबकारी भवन में शराब घोटाले से संबंधित सबूत जुटाते रही। जांच के दौरान टीम ने पिछले पांच साल में शराब खरीदी के टेंडर प्रक्रिया के अलावा शराब आपूर्ति करने की विधि की जानकारी हासिल की। इसके साथ ही तत्कालिन आयुक्त और विशेष सचिव द्वारा किए गए कार्यों की दस्तावेजों की जांच की।शराब घोटाला मामले में ईडी की छापे की कार्रवाई के बाद ईओडब्लू व एसीबी ने 17 जनवरी को 71 लोगों पर नामजद एफआइआर दर्ज की थी। ईडी के दस्तावेजों के अवलोकन के एक माह बाद ईओडब्लू, एसीबी के अफसरों ने राज्य के तीन पूर्व आइएएस विवेक ढांढ, निरंजन दास, अनिल टूटेजा सहित आबकारी विभाग से जुड़े अरुणपति त्रिपाठी, सौरभ बख्शी, अशोक कुमार सिंहढांद, टुटेजा, निरंजन दास और शराब कारोबारियों के 13 ठिकानों पर छापेके अलावा कारोबारी अनवर ढेबर, अरविंद सिंह, राजेंद्र जायसवाल, नोएडा में विधु गुप्ता, भूपेंद्र पाल सिंह भाटिया, नवीन केडिया और सिद्धार्थ सिंघानिया के यहां छापा मारा था। अनवर ढेबर के यहां छापे की कार्रवाई कंपलीट हो चुकी है।
• आरोपितों ने मिटा दिए सबूतः जिनके ठिकानों पर जांच चल रही उनके द्वारा जो भी सबूत थे उसे मिटा दिए गए हैं। इससे साफ है कि छापे की कार्रवाई में ईओडब्लू और एसीबी के अफसरों ने भ्रष्टाचार से संबंधित जो दस्तावेज मिलने की संभावना व्यक्त कर रहे थे, उन उम्मीदों के मुताबिक जांच एजेंसी को साक्ष्य नहीं मिलने की जानकारी सूत्रों ने दी है।

