सिलयारी स्थित ज्ञान वाटिका स्कूल के खिलाफ गंभीर शिकायतें,स्कूल को बंद करने की मांग

सिलयारी स्थित ज्ञान वाटिका स्कूल के खिलाफ गंभीर शिकायतें,स्कूल को बंद करने की मांग




धरसीवा इलाके के सिलयारी में स्थित ज्ञान वाटिका इंग्लिश स्कूल के खिलाफ शिक्षा विभाग में जमकर शिकायतें की गई हैं।इस स्कूल को शासन के सभी मानकों का उल्लंघन करते हुए पूरी तरह अवैध बताते हुए तत्काल बंद करने की मांग की गई है।

छात्र नेता अंकित बंजारे ने इस मामले में आगे बताते हुए कहा कि सिलयारी में कुछ वर्षों से संचालित स्कूल के खिलाफ गंभीर अनियमितता कि शिकायतें मिल रही है जिस पर अविलंब शासन को संज्ञान लेने कहा गया है

स्कूल शासकीय जमीन पर अवैध रूप से बना हुआ मात्र 1200 फिट क्षेत्र में है।यहां पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई होती है जिसमें लगभग 200 छात्र छात्राओं का भविष्य खतरे में है क्योंकि ऐसा बताया जाता है कि बीएड शिक्षक नहीं रखे गए है उनकी जगह 12 वीं तक पढ़े युवक युवतियों को शिक्षक बनाकर रखा गया है जब की बच्चों के पालकों से फीस के नाम पर पाई पाई वसूली जा रही है इसके अलावा शासन के मानदेय का भी धड़ल्ले से गबन किया जा रहा है ऐसी सूचना है।
इस मामले में शिकायत कर जांच की मांग की गई है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो पाए।
अंकित ने कहा कि झोला छाप डाक्टरों की तरह झोला छाप शिक्षकों की भी बाढ़ आई हुई है हर कोई शिक्षा अधिकारियों को सेट कर स्कूल खोलकर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए पैसा कमाना चाहता है।
गरीब मध्यम वर्गीय परिवार अपने बच्चों को बेहतर अंग्रेजी शिक्षा मिले इस हेतु अपना पेट काटकर बच्चों को निजी अंग्रेजी स्कूलों में एडमिशन करवाता है ताकि बच्चो का सुंदर भविष्य गढ़ सके लेकिन ऐसी स्कूल जहां शासन की गाइडलाइन का उल्लंघन करते हुए महज कुछ हजार रूपयों में युवक युवतियों को शिक्षक बतलाकर बच्चों का भविष्य खराब करने का काम किया जा रहा है ऐसी स्कूल से निकले छात्र जीवन में कोई उन्नति नहीं कर पाएंगे इसलिए यह कतई स्वीकार्य नहीं किया जाएगा और वृहद रूप से पूरे जिले में ऐसी अवैध स्कूलों के खिलाफ ना सिर्फ आंदोलन चलाया जाएगा बल्कि पालकों को जागरूक किया जाएगा कि एडमिशन के पहले बच्चों का खेल प्रांगण जो की शरीर सौष्ठव के लिए अति आवश्यक है सहित स्वच्छ पेय जल और स्वच्छ बाथरूम तथा सुरक्षित वाहन व्यवस्था आदि का निरीक्षण करें..स्कूल में अनुभवी बीएड शिक्षक सबसे जरूरी पक्ष हैं इसकी भी पड़ताल करें तब ही अपने बच्चों का एडमिशन करवाएं अन्यथा सब व्यर्थ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *