पर्यावरण संबंधी राष्ट्रीय सम्मेलन में अजय पप्पू मोटवानी ने दिए अनेक बहुमूल्य सुझाव,,,,,,
,,,,,,
कांकेर। स्थानीय भानु प्रताप देव पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज के तत्वावधान में पर्यावरण विषय के विद्वानों का एक वेबीनार दिनांक 22 तथा 23 जून 2023 को संपन्न हुआ, जिसका विषय था,” पर्यावरण अवनयन, कारण, प्रभाव तथा निदान” इस ज्वलंत विषय पर अपने विचार प्रकट करने हेतु देश के अनेक विद्वान ऑनलाइन आमंत्रित थे जिनमें प्रमुख कांकेर के महाराजा आदित्य प्रताप देव थे, जो वर्तमान में नई दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज में वरिष्ठ प्रोफेसर हैं। समस्त विद्वानों द्वारा पर्यावरण संबंधी अपने अपने विचार प्रकट करने के पश्चात जब जनसहयोग समाजसेवी संगठन के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी ने अपने विचार व्यक्त किए, तो उन्होंने कांकेर दशा बस्तर अंचल के पर्यावरण पर प्रकाश डाला और समाधान हेतु अपने बहुमूल्य सुझाव जिनकी श्रोताओं ने बहुत प्रशंसा की। अजय पप्पू मोटवानी ने समस्त बस्तर अंचल में जंगल कटाई वह पूर्णत तथा वास्तविक रूप से प्रतिबंधित करने पर जोर दिया इसके अलावा नदियों से रेत का उत्खनन सीमित मात्रा में ही किया जाए शहरों में बोरिंग उत्खनन कम से कम किया जाए उद्योगों पर बाध्यता लगाई जाए कि जितने वृक्ष उनके उद्योग की वजह से काटे जाएंगे उनसे 10 गुने वृक्षों का वृक्षारोपण उनके द्वारा किया जाए। शहरी कचरे का इस प्रकार से निष्पादन किया जाए जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचे। अधिक पानी चाहने वाले यूकेलिप्टस तथा पाइन जैसे वृक्षों का वृक्षारोपण किसी भी स्थिति में ना किया जाए। कार्यक्रम के अंत में भानु प्रताप देव पीजी कॉलेज कांकेर की प्राचार्य श्रीमती सरला आतराम द्वारा सब के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा पर्यावरण संबंधी इतने बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग हेतु पर्यावरणविदों सहित सबके प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया।
कांकेर। स्थानीय भानु प्रताप देव पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज के तत्वावधान में पर्यावरण विषय के विद्वानों का एक वेबीनार दिनांक 22 तथा 23 जून 2023 को संपन्न हुआ, जिसका विषय था,” पर्यावरण अवनयन, कारण, प्रभाव तथा निदान” इस ज्वलंत विषय पर अपने विचार प्रकट करने हेतु देश के अनेक विद्वान ऑनलाइन आमंत्रित थे जिनमें प्रमुख कांकेर के महाराजा आदित्य प्रताप देव थे, जो वर्तमान में नई दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज में वरिष्ठ प्रोफेसर हैं। समस्त विद्वानों द्वारा पर्यावरण संबंधी अपने अपने विचार प्रकट करने के पश्चात जब जनसहयोग समाजसेवी संगठन के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी ने अपने विचार व्यक्त किए, तो उन्होंने कांकेर दशा बस्तर अंचल के पर्यावरण पर प्रकाश डाला और समाधान हेतु अपने बहुमूल्य सुझाव जिनकी श्रोताओं ने बहुत प्रशंसा की। अजय पप्पू मोटवानी ने समस्त बस्तर अंचल में जंगल कटाई वह पूर्णत तथा वास्तविक रूप से प्रतिबंधित करने पर जोर दिया इसके अलावा नदियों से रेत का उत्खनन सीमित मात्रा में ही किया जाए शहरों में बोरिंग उत्खनन कम से कम किया जाए उद्योगों पर बाध्यता लगाई जाए कि जितने वृक्ष उनके उद्योग की वजह से काटे जाएंगे उनसे 10 गुने वृक्षों का वृक्षारोपण उनके द्वारा किया जाए। शहरी कचरे का इस प्रकार से निष्पादन किया जाए जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचे। अधिक पानी चाहने वाले यूकेलिप्टस तथा पाइन जैसे वृक्षों का वृक्षारोपण किसी भी स्थिति में ना किया जाए। कार्यक्रम के अंत में भानु प्रताप देव पीजी कॉलेज कांकेर की प्राचार्य श्रीमती सरला आतराम द्वारा सब के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा पर्यावरण संबंधी इतने बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग हेतु पर्यावरणविदों सहित सबके प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया।

