राम कथा में 108 दीपक जलाकर श्री राम राज्याभिषेक उत्सव

राम कथा में 108 दीपक जलाकर श्री राम राज्याभिषेक उत्सव
मठ मंदिर में आयोजित दिव्य श्री राम कथा के सातवे दिन कथा वाचक बाल व्यास पंडित श्री ऋषभ त्रिपाठी जी द्वारा श्री नवधा भक्ति ,श्री हनुमत चरित्र ,रावण उद्धार एवं श्रीराम राज्याभिषेकभिषेक की कथा का संगीतमय संकीर्तन एवं प्रवचन किया गया,आयोजक दाऊ कृष्ण कुमार गुप्ता, भरत लाल गुप्ता, बालाजी गुप्ता ,अमरनाथ गुप्ता ,श्रीराम गुप्ता,डॉ आर एस गुप्ता ,विकास गुप्ता ,अनुराग गुप्ता,गौरव गुप्ता द्वारा सपरिवार राम राज्याभिषेक उत्सव में 108 दीपक प्रज्वलित कर आरती किया गया एवं समस्त श्रद्धालु गणों ने मंगल गान किया कथा वाचक ऋषभ त्रिपाठी जी ने बताया कि
सर्वप्रथम श्रीराम की कथा भगवान श्री शंकर ने माता पार्वतीजी को सुनाई थी। उस कथा को एक कौवे ने भी सुन लिया। उसी कौवे का पुनर्जन्म कागभुशुण्डि के रूप में हुआ। काकभुशुण्डि को पूर्व जन्म में भगवान शंकर के मुख से सुनी वह रामकथा पूरी की पूरी याद थी उन्होंने यह कथा अपने शिष्यों को सुनाई इस प्रकार रामकथा का प्रचार-प्रसार हुआ। भगवान शंकर के मुख से निकली श्रीराम की यह पवित्र कथा अध्यात्म रामायण के नाम से विख्यात है दाऊ कृष्ण कुमार ने कहा कि श्रीराम कथा कामधेनु है जो सुनने वालों को सभी मनचाहा फल प्रदान करती है राम कथा काशी के समान है पुण्यसलिला गंगा ,यमुना ,सरस्वती ,नर्मदा और मंदाकिनी के जैसी है जो मानव के समस्त पापों का नाश कर पुण्य प्रदान करती है आठवें दिवस पूर्णाहुति हवन एवं प्रसादी के साथ संपन्न हुआ है राम जी से आशीर्वाद प्राप्त करने पहुँची विधायक रंजना साहू ने उद्बोधन में कहा कि जब जन्मजन्मांतर के पुण्यों का उदय होता है तब राम कथा सुनने और सुनाने का संयोग बनता है ,राम कथा आदर्श पथ पर चलने की प्रेरणा देती है पारिवारिक रिश्तों की अहमियत को दर्शाता है कथा के आयोजक धर्मप्रेमी दाऊ परिवार भी एक आदर्श परिवार एवं आपसी प्रेम की मिसाल है और कहा कि पंडित ऋषभ त्रिपाठी जी कम उम्र में धाराप्रवाह कथा का वाचन मंत्रमुंग्ध कर देने वाला है ,पूर्णाहुति में उपस्थित पूर्व महापौर अर्चना चौबे जी ने कहा समस्त जनो के कल्याणार्थ दाऊ परिवार समय समय पर कथा का आयोजन करते रहते है विनम्र और संस्कारवान दाऊ जी का परिवार लोक कल्याण के कार्यो के लिए बधाई के पात्र है सही मायने में समाज को अभी राम कथा की जरूरत है बाल व्यास त्रिपाठी जी अपने वचनों से समस्त जनों का मार्गदर्शन कर जीवो का कल्याण कर रहे है , कथा के अंत मे बाल व्यास त्रिपाठी जी ने अपने पिता का अभिवादन कर कहा कि हनुमान जी के प्रसन्नार्थ एवं श्री राम जी का आशीर्वाद प्राप्त करने एवं समस्त जनों के कल्याणार्थ मेरे पिता एवं दाऊ श्रीराम गुप्ता के संयोजन से राम कथा मठ मंदिर प्रांगण में पूर्ण हुई है ग्रंथों में बताए गए प्रेरणा प्रसंगों को जीवन मे आत्मसात करे यही गुरुदक्षिणा है गुरुजी का आभार प्रदर्शन श्याम गीता गुप्ता,अमृत सीता गुप्ता ,संतोष दुर्गा गुप्ता , शिव भक्ति गुप्ता ,प्रदीप आरती गुप्ता ,नीलू प्रमोद गुप्ता , प्रशांत दीपाली गुप्ता ,ज्ञानेश रुपाली गुप्ता ,नवीन गुप्ता ,अखिलेश गुप्ता द्वारा किया गया ।
 

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