** बंगोली में माघी पुन्नी कबीर पंथी मेला चौंका आरती के साथ सम्पन्न* *
कबीर पंथ के चौंथे वंश गुरु पंथ श्री प्रमोद गुरुबालापीर साहेब द्वारा अपने अनुज पंथ श्री १०८ श्री गुरूबालापीर घासीदास साहेब की स्मृति में प्रथम बरसी ( वार्षिक श्राद्ध ) सन् १७१४ से की गई थी, तब से आज तक अनवरत संत समागम समारोह कबीर पंथी मेला समाधिधाम बंगोली में आयोजित होते आ रहा है। इसी परम्परा को निभाते हुए इस वर्ष भी ३०७ वां तीन दिवसीय ( १४ फरवरी से १६ फरवरी तक ) पंथ श्री १०८श्री गुरु बालापीर घासीदास साहेब स्मृति कबीर पंथी माघी पुन्नी मेला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दिनांक-14 फरवरी दोपहर 3 बजे कलश यात्रा ग्राम भ्रमण तत्पश्चात कबीर पंथ का प्रतीक निशान ( ध्वज ) चढ़ा कर किया गया।
कार्यक्रम के द्वितीय दिवस १५ फरवरी को गुरु महिमा पाठ, पुनोमहत्तम्य पाठ,भजन कीर्तन ग्राम बिठिया,टांड़ा से आये संत मंडली ने अपनी प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं का मनमोह लिया। उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्रीमती अनिता योगेन्द्र शर्मा जी एवं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना प्रमुख श्री अमित बघेल जी की गरिमापूर्ण उपस्थिति में पूर्व में स्वीकृत तीन लाख का सामुदायिक भवन (आमीनमाता भंडार गृह ) निर्माण का भूमिपूजन कार्यक्रम क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सोना वर्मा, जनपद सदस्य डॉ.श्री धनेश निषाद,सरपंच श्री झुकूराम बांधे,श्री रविशंकर वर्मा (सरपंच ग्राम पंचायत कुर्रा),संतोष साहू (उपसरपंच ग्रामपंचायत धनसुली) छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना प्रदेश उपाध्यक्ष डा. अजय यादव जी,रायपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष दिनेश वर्मा,
रायपुर ग्रामीण जिला संयोजक अनिल वर्मा,
खरोरा ब्लाक संयोजक गजेन्द्ररथ वर्मा एवं गांव व आसपास से पहूंचे श्रद्धालुओं के बीच सम्पन्न किया गया। उपस्थित आमंत्रित अतिथियों का चंदन लगा स्वागत महन्त रामदास साहेब, महन्त नीलकंठ साहेब, महन्त ओमप्रकाश साहेब, पूर्व सरपंच वंदना बैरागी, पूर्व उपसरपंच धर्मेंद्र बैरागी, कृष्णकुमार सेन, विनोद वर्मा, राकेश वर्मा, प्रियंकर सेन, प्रतिभा बैरागी(पंच),कविता सेन आदि ग्रमीणों के द्वारा किया गया।उपस्थित अतिथियों के श्रद्धा सुमन वाणी का श्रद्धालुओं ने सराहना करते हुए उनके समाधि स्थल के विकास की बात को सहर्ष स्वीकार किया ।विधायक द्वारा विकास के लिए प्रयास को बताते हुए आयोजक समिति को मुख्यमंत्री एवं संस्कृतिमंत्री से मिलकर सभी मांगों पर प्रक्रिया गत कार्यवाही करने की बात कही गई । क्रांति सेना प्रमुख ने अपने वाणी से सभी को मुग्ध व चकित करते हुए हंसी ठहाका भी लगाया।
कार्यक्रम के अंतिम दिन १६फरवरी को गुरु महिमा पाठ,पुनोमहत्तम्य पाठ,भजनकीर्तन के साथ शायं छः बजे कबीर पंथियों का मुख्य सात्विक यज्ञ ( चौंका आरती ) का कार्यक्रम समाधि धाम बंगोली के वरिष्ठ महन्त रामदास जी साहेब के करकमलों से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन करते हुए महन्त नरोत्तम दास साहेब द्वारा समाधि स्थल का इतिहास,महत्व और सरकारी उदासीनता को बताते हुए कहा कि सन् १७१४ से प्रारंभ ऐतिहासिक कबीर पंथी माघी पुन्नी मेला का आयोजन किया जाता रहा है। छत्तीसगढ़ विभाजन से पहले मध्यप्रदेश के नक्शा में बंगोली मेला स्थल के रूप में दिखाई देता था । विभाजन के बाद बंगोली मेला का नक्शा से ही गायब होना शासन-प्रशासन की उदासीनता को दर्शाता है। हम कबीर पंथियों को विभाजन होने पर बहुत उम्मीद थी कि इस एतिहासिक स्थल का विकास होगा पर उम्मीद ना उम्मीद में पूरी तरह बदल गया।साथ ही साथ बंगोली स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का गांव रहा है यहां सत्रह सेनानी स्वतंत्रता की लड़ाई में बढ़चढ़कर भाग लिए जिसमें महन्त अमर दास जी साहेब एवं महन्त आनन्द दास जी साहेब का बंगोली क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका रही है । अब वर्तमान शासन से कबीर पंथियों की उम्मीद बढ़ी है। इस गांव की प्रतिष्ठा पुनः स्थापित करने में विधायक से लेकर मुख्यमंत्री तक बेहतर सक्रियता की आकांक्षा प्रदर्शित हो रही है।
आयोजन समिति के सचिव धर्मेंद्र बैरागी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए उक्त जानकारी दी।

