सर्वपत्रकारों संगठनो ने, पसान के पत्रकार पर हुए हमला की निंदा करते हुए,
जिला पुलिस अधीक्षक से की सौजन्य मुलाकात, , मिला निष्पक्ष जांच का आश्वासन।
कोरबा/ कटघोरा,, सर्वपत्रकारों संगठनो ने, पसान के पत्रकार पर हुए हमला की निंदा करते हुए,
जिला पुलिस अधीक्षक से की सौजन्य मुलाकात पसान निवासी रितेश गुप्ता द्वारा अवैध उत्खनन को लेकर लंबे समय से समाचार के माध्यम से शासन प्रशासन को अवगत कराते रहें, जिसके कारण संबंधित अवैध खनन के माफियाओं द्वारा पसान थाना प्रभारी से मिलीभगत कर फर्जी ढंग से f.i.r. एवं संबंधित पदस्थ थानेदार द्वारा पुलिस का रौब दिखाते अभद्र व्यवहार कर रेत माफिया एवं अपराधियों से मिलीभगत कर संबंधित पत्रकार को जान से मारने एवं भया दोहन कर एक कलमकार के आवाज को दबाने की साजिश के संबंध में कोरबा पुलिस अधीक्षक की गई शिकायत, एसपी ने निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन दिया है। बता दे कि पत्रकार रितेश गुप्ता द्वारा लगातार अवैध रेत परिवहन के समाचार प्रकाशित किये जा रहे थे,जिससे रेत माफियाओं के चूले हिल गए और इनके धंधे पर ग्रहण लग गया।तब से यह पत्रकार खनन माफियाओं व कथित नेताओ के आंखों में कांटो जैसे चुभ रहा है,अब खबर प्रकाशित कर अवैध कार्यो का पर्दाफाश करना अपराध है तो अवैध तरीके से रेत परिवहन करना किस श्रेणी में आता है, यह समझ से परे है, जो खुलेआम रेत परिवहन धड़ल्ले से जारी है,पर जिम्मेदार विभागीय नुमाईंदे कार्यवाही करने के बजाय मूकदर्शक बन नजरें छुपाए बैठे हैं।बताया जाता है कि इसके पूर्व भी षड़यंत्र रूपी प्रताड़नाओं व झूठे मामलों का शिकार रितेश हो चुका है, पर किसी भी मामले में अभी तक जांच पूरी तरह से सामने नही आ पाई है।ऐसा प्रतीत होता है मानो थाना पसान प्रभारी भी रेत माफियाओं के भंवर जाल में उलझ गए हैं, जो निष्पक्ष कार्यवाही करने के बजाय पत्रकार को ही कानून का धोष दिखाने में शान समझ बैठे हैं। षडयंत्र रूपी कार्यवाहियों में उलझता रिपोर्टर अपनी आपबीती एसपी के समक्ष जाहिर कर उचित न्याय की मांग करने एसपी कार्यालय पहुचा जहां बड़ी संख्या में पत्रकारगण उपस्थित रहे।
दरअसल 5 दिसंबर के शाम के पूर्व वन विभाग द्वारा वनभूमि से अवैध रेत परिवहन करते एक ट्रैक्टर को जप्त किया,जिसे वनपरिक्षेञ परिसर में लाकर आगे की कार्यवाही की गई है।इस मामले की जानकारी प्रदान करने वन अमले द्वारा स्थानीय पत्रकार रितेश गुप्ता को परिसर कार्यालय बुलाया गया था,जब रिपोर्टर परिसर में दाखिल हुआ तो परिसर में पूर्व से मौजूद रेत माफिया यूसुफ खान ट्रेक्टर पर की जा रही कार्यवाही से बौखलाहट में था,जब इसने रिपोर्टर रितेश को देखा तो रेत माफिया का पारा सातवें आसमान पे पहुँच गया और इसने रिपोर्टर रितेश गुप्ता पर जानलेवा हमला करते हुए उसे जख्मी कर दिया और फिर स्वयं परिसर से नो दो ग्यारह हो गया।
स्वयं को संभालते हुए रितेश गुप्ता ने अपने भाईयों को घटना की जानकारी दी,जिस पर आनन फानन में इसके भाई मौके पर पहुचे।बिना देर किए रितेश के भाइयों ने दर्द से कराहते हुए रितेश को थाना लेकर पहुचे जहां इन्होंने थाना प्रभारी को पूरी घटना से अवगत कराया गया,जहां रितेश की बात को नजरअंदाज कर जलील कर थाने से भगा दिया था।लिहाज़ा पत्रकार रितेश गुप्ता ने आज जिला पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के समक्ष पेश हो अपनी आपबीती जाहिर कर न्याय की गुहार लगाया है।इस बीच बड़ी संख्या में पत्रकारगण उपस्थित रहे।
जिला पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल पर उन पीड़ित पक्ष को पूर्ण यकीन है जो षडयंत्र रूपी कार्यवाहियों का दंश झेल रहे हैं जो उन्होंने ने किए ही नही।इन्हें पूरा यकीन भी है कि जिला पुलिस अधीक्षक इनकी समस्या को सुन निष्पक्ष जांच करा न्याय संगत कार्यवाही कर उन्हें न्याय दिलाने में कोई कसर बाकी नही रखेंगे।इसी उम्मीद से पसान पत्रकार रितेश गुप्ता ने अपनी समस्या एसपी भोजराम पटेल के समझ रख न्याय की मांग की है।अब एसपी पत्रकारों की समस्या पर किस तरह जांच कार्यवाही करते हैं यह देखने वाली बात होगी।

