ग्रामीण पत्रकार पर झूठे एफआईआर दर्ज चर्चित मामले को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी मानवाधिकार के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश अनंत ने कहा- समाज के चौंथे स्तम्भ पर सुनियोजित कार्यवाही घोर निंदनीय, राज्यपाल के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन

ग्रामीण पत्रकार पर झूठे एफआईआर दर्ज चर्चित मामले को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी मानवाधिकार के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश अनंत ने कहा- समाज के चौंथे स्तम्भ पर सुनियोजित कार्यवाही घोर निंदनीय, राज्यपाल के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन


कोरबा/पसान:- जिला प्रशासन द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी पसान इलाके के बम्हनी नदी से खुलेआम रेत चोरी की खबर प्रकाशित करने तथा अपनी खबरों में रेत चोर के साथ ग्राम सरपंच, पसान पुलिस और खनिज विभाग के सांठगांठ का उल्लेख करने वाले पत्रकार रितेश गुप्ता की लेखनी पर दुर्भावना रखने वाले थाना प्रभारी द्वारा सुनियोजित तरीके से सरपंच पति की शिकायत पर उक्त पत्रकार एवं उसके एक सहयोगी के विरुद्ध भयादोहन सहित अन्य धाराओं में झूठे अपराध दर्ज किए जाने के चर्चित मामले को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी मानवाधिकार के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष प्रकाश अनंत ने घोर निंदा की है, तथा उन्होंने कहा है कि समाज के चौथे स्तंभ माने जाने वाले दर्पण रूपी संघर्षरत पत्रकार, जो समाज मे व्याप्त समस्याओं एवं घटनाओं के साथ फैली बुराई को सामने लाने में अपनी अहम भूमिका का निर्वहन करते है। ऐसे में पत्रकार पर बिना किसी जांच के झूठे अपराध दर्ज किया जाना सीधे रूप में समाज पर कड़ा प्रहार है। जो हर स्तर पर घोर निंदनीय है। एक ओर छत्तीसगढ़ माटीपुत्र एवं प्रदेश के जनहितैषी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा पत्रकारों के सम्मान व सुरक्षा हेतु पत्रकार सुरक्षा कानून लागू कराने की दिशा में पुरजोर प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर पत्रकारों पर ऐसे झूठे मामले दर्ज कर भूपेश सरकार की मंशा साकार होने से पहले ही उनकी छवि धूमिल करने जैसा कार्य किया जा रहा है, जो अनुचित है। श्री अनंत द्वारा 32 जिले में नियुक्त अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी मानवाधिकार के अपने जिलाध्यक्षों की सहमति उपरांत यह निर्णय लिया गया है कि पीड़ित पत्रकार पर द्वेषपूर्ण झूठे एफआईआर मामले की निष्पक्ष जांच के साथ अपराध दर्ज करने वाले कार्यवाहक थाना प्रभारी पर उचित कार्यवाही की मांग को लेकर समस्त जिला अध्यक्ष की ओर से राज्यपाल के नाम एक- एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। तथा झूठे अपराध दर्ज मामले में दोषियों के विरुद्ध आवश्यकतानुसार उच्च न्यायालय में भी आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *