*नए निवेश का दावा झूठा, भाजपा सरकार की दुर्भावना से छत्तीसगढ़ में उद्योग व्यवसाय दम तोड़ रहे हैं*

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी



*नए निवेश का दावा झूठा, भाजपा सरकार की दुर्भावना से छत्तीसगढ़ में उद्योग व्यवसाय दम तोड़ रहे हैं*
*ढाई साल में फूटी कौड़ी नहीं आया, पहले 7 लाख करोड़, फिर 33 हजार करोड़ और अब 9580 करोड़ के निवेश का झांसा*
रायपुर/13 जून 2026। हैदराबाद में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट में 9580 करोड़ के निवेश प्रस्ताव के सरकारी दावों को भ्रामक बताते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यह सरकार अपनी अक्षमता छुपाने के लिए केवल फर्जी दावें करती है हकीकत यह है कि नए निवेश तो दूर इस सरकार की गलत नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ के पारंपरिक उद्योग बंद हो रहे हैं। मुख्यमंत्री जापान और दक्षिण कोरिया घुम आए, डिप्टी सीएम अरुण साव और वित्त मंत्री ओपी चौधरी अमेरिका गए, औद्योगिकरण और नए निवेश के लिए विदेशी उद्यमियों को आमंत्रित करने के बड़े बड़े दावे किए गए लेकिन नतीजा शून्य रहा। जमीनी हकीकत सरकार के दावे के विपरीत है, नए उद्योग लगना तो दूर भाजपा सरकार की दुर्भावना पूर्वक नीतियों के चलते पहले से संचालित उद्योग दम तोड़ रहे हैं। भाजपा सरकार को बताना चाहिए कि छत्तीसगढ़ में जून 2025 तक 18940 पंजीकृत कम्पनियां संचालित थी, जिसमें से 4288 कम्पनियां बंद क्यों हो गई? यहां पूर्व में संचालित स्पंज आयरन, रोलिंग मिलें, राइस मिल, सहकारी शक्कर कारखाने, एथेनॉल प्लांट सरकार की उपेक्षा और उद्योग विरोधी नीतियों के चलते बंद हो गए हैं। सरकार को यह भी बताना चाहिए कि विगत ढ़ाई साल में कितने अस्पताल, फार्मा उद्योग और ट्रैवल कंपनीया बंद हुए हैं?
सरकार के दावे को तथ्यहीन करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि इससे पहले सितंबर 2025 में वेलनेश, हेल्थ केयर और पर्यटन के क्षेत्र में 7 लाख करोड़ के नए निवेश और नवंबर 2025 में गुजरात से 33000 करोड़ निवेश प्रस्ताव का झूठा दावा किया गया था, नए निवेश के मामले में चवन्नी नहीं आया है। भाजपा सरकार को प्रदेश की जनता को गुमराह कर रही है, सरकार के मुखिया और मंत्री निवेश लाने की बात करते हैं, लेकिन निवेशकों का भरोसा जीत क्यों नहीं पा रहे हैं? अमेरिका, जापान और कोरिया से सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक आइटम आईटी, एआई, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल एवं खाद्य प्रसंस्करण में नई निवेश होने का दावा किया था। लेकिन अब तक कोई भी विदेश के निवेशक छत्तीसगढ़ क्यों नहीं आए? बस्तर में इन्वेस्टर कनक्वे 967 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव आया था कितने निवेशक, कौन है, बस्तर में काम शुरू किया है?
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में कृषि और वनोपज प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स में बेहतर काम पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय हुआ था, प्रदेश ने औद्योगिक उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभाई। सीमेंट और स्टील के उत्पादन में नए कीर्तिमान रचे गए लेकिन भाजपा की सरकार बनते ही विगत ढ़ाई साल के दौरान पांच-पांच बार बिजली के दाम बढ़ा दिए गए। आज हालात यह है कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में औद्योगिक बिजली की दरें हमारे पड़ोसी राज्य उड़ीसा, झारखंड और मध्य प्रदेश की तुलना में छत्तीसगढ़ के उद्योगों को डेढ़ गुना अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। कांग्रेस सरकार के दौरान बनाए गए उद्योगनीति को दुर्भावना पूर्वक बदल दिया जिसके चलते प्रदेश में संचालित स्थानीय उद्योग व्यवसाय दम तोड़ने लगे हैं। एक तरफ यह सरकार छत्तीसगढ़ के स्थानीय उद्योग, लघु तथा कुटीर उद्योग और गौठानो में संचालित रूरल इंडस्ट्रियल पार्क “रीपा“ परियोजना को बर्बाद करने में तुली हुई है दूसरी तरफ बाहरी उद्यमियों को आमंत्रित करने का ढोंग कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में आयुष्मान योजना के तहत किए गए इलाज का भुगतान तक यह सरकार अस्पतालों को नहीं कर पा रही है, पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के दौरान शुरू किए गए धार्मिक पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण योजना “राम वन गमन पथ“ के विस्तार का काम इस सरकार ने दुर्भावना पूर्वक रोक दिया हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार छत्तीसगढ़ में उद्योगों के अनुकूल माहौल बना पाने में पूरी तरह नाकाम रही और अपनी नाकामी से जनता का ध्यान भटकने के लिए नए नए इवेंट कर रहे हैं। भाजपा की सरकार के दौरान विगत ढाई साल में छत्तीसगढ़ में हजारों की संख्या में उद्योग बंद हुए जिससे लाखों युवा बेरोजगार हो गए हैं। रोजगार सृजन के मामले में यह सरकार पूरी तरह से नाकाम हो चुकी है। भाजपा सरकारों की आर्थिक कुप्रबंधन और गलत विदेश नीति के चलते ट्रंप टैरिफ जैसी अंतराष्ट्रीय समस्याओं से एक्सपोर्ट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मेडिकल और फार्मा उद्योग पर भी सरकार की गलत नीतियों का बुरा असर पड़ रहा है। आयुष्मान कार्ड के भुगतान लंबित होने से छोटे अस्पतालो में तालाबंदी की नौबत आ गई है, पूर्व से संचालित अस्पताल नहीं चल पा रहे हैं, उनकी समस्या दूर करने के बजाय सरकार नए निवेश को खोखले दावे कर रही हैं। भाजपा के लिये उद्योग का तात्पर्य केवल अडानी का एकाधिकार है।
सुरेंद्र वर्मामुख्य प्रवक्ताछत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटीमोबाइल नं. 98262-74000

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