कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने केंद्र की भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि कोरोना संकट में पेट्रोल, डीजल के दामों की मूल्य में ऐसी बेतहासा वृद्धि छत्तीसगढ़ ही नही पूरे देश के लोगों के ऊपर वज्रापात है ‘

कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने केंद्र की भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि कोरोना संकट में पेट्रोल, डीजल के दामों की मूल्य में ऐसी बेतहासा वृद्धि छत्तीसगढ़ ही नही पूरे देश के लोगों के ऊपर वज्रापात है

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवम पूर्व जनपद अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने पेट्रोल डीजल वृद्धि पर केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि कोरोना वायरस से जारी लड़ाई हमारे करोड़ों भाइयों और बहनों के लिए गंभीर आर्थिक कठिनाई का कारण बन रही है. इस समय केंद्र की मोदी वाली भाजपा सरकार, कीमतें कम करने के बजाय, पेट्रोल और डीजल पर मूल्य वृद्धि का निर्णय लेना अनुचित है।संकट के समय लोगो पर कर का बोझ डालना उचित नही है।
कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने कहा-पेट्रोल, डीजल के दामों की मूल्य में ऐसी बेतहासा वृद्धि छत्तीसगढ़ ही नही पूरे देश के लोगों के ऊपर वज्रापात है डीजल और पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाने भाजपा सरकार के निर्णय से कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते पहले से ही समस्याओं से जूझ रहे लोगों को खासकर गरीबों एवं किसानों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। इससे जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ जाएंगे। इससे कई अति आवश्यक वस्तुओं का मूल्य भी बढ़ेगा. यह छत्तीसगढ़ के साथ धोखा है इस फैसले का जितनी भी निदा किया जाय कम है, और इस निर्णय को वापस लेने की आग्रह केंद्र की सरकार से करते है। कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने कहा मि इस वृद्धि का मतलब यही हुआ कि जब क्रूड की कीमत कुछ ही दिनों में 60 डॉलर से घटकर 30 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, तब केंद्र की भाजपा सरकार उसका फायदा आम जनता को नहीं दिया। लेकिन अब इसमें महज सात-आठ डॉलर प्रति बैरल की वृद्धि हो गई तो उसका बोझ आम जनता को उठाना पड़ रहा है। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रलय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने मार्च, 2020 में औसतन 33.60 डॉलर प्रति बैरल की दर से क्रूड खरीदा था। चालू वित्त वर्ष के पहले महीने (अप्रैल-2020) में यह घटकर 19.90 डॉलर प्रति बैरल हो गया। मई में यह फिर बढ़कर 30.60 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर है। पूर्व जनपद अध्यक्ष राजेंद्र बंजारे ने कहा कि इस समीकरण के पीछे मुख्य वजह यह है कि कोविड-19 की वजह से जिस तरह से केंद्र का राजस्व संग्रह पूरी तरह से सूख गया है, जिसकी भरपाई के लिए पेट्रोल व डीजल ही राजस्व जुटाने का एकमात्र प्रमुख स्नोत केंद्र की भाजपा सरकार ने बना लिया है। मई में केंद्र सरकार ने पेट्रोल व डीजल पर तीन रुपये प्रति लीटर की दर से अतिरिक्त टैक्स लगा दिया था। बहरहाल, महंगे पेट्रोल व डीजल की वजह से देश का ट्रांसपोर्टर बहुत परेशान हैं, क्योंकि इससे माल ढुलाई की लागत में खासी बढ़ोतरी हो रही है। इस वृद्धि से अनाज, सब्जियां और रोजमर्रा की अन्य चीजें पेट्रोल, डीजल की मूल्य वृद्धि के कारण महंगी हो जाएगी उत्पाद शुल्क बढ़ाने से लोगों को, खासकर गरीबों, किसानों, मध्यमवर्ग और परिवहन व्यावसायियों पर नकारात्मक असर डालेगा।

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