कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने सांसद सरोज पांडेय के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि यह भूपेश बघेल की सरकार है, कुमारस्वामी की नहीं, उन्हें इस सरकार में घोड़े का व्यापार करने के लिए सात जन्म लेने होंगे।
भाजपा की सांसद सरोज पांडेय की उस बयान पर जिसमे उन्होंने कहा था कि कांग्रेस की सरकार ज्यादा दिन तक टिकने वाली नही पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवम पूर्व जनपद अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने सांसद सरोज पांडेय कि आलोचना करते हुए कहा कि 18 महीनों के छोटे से कार्यकाल में ही माननीय मुख्यमंत्री भुपेश बघेल जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक से बढ़कर एक योजनाएं चलाई हैं जिनसे हर वर्ग के लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। किसानों का कर्ज माफ सहित 2500 रुपये प्रति कविंटल धान का समर्थन मूल्य किसानो को देने वाले पूरे देश मे पहला राज्य छत्तीसगढ़ है जो देश मे अपने आप मे कीर्तिमान है प्रदेश में सभी लोग भुपेश बघेल सरकार से पूरी तरह खुश हैं। इसी कड़ी में आने वाले 3 वर्षों में ऐसी अनेक और योजनाएं लाई जाएंगी। कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने कहा कि भाजपा के सांसद छत्तीसगढ़ प्रदेश में विधानसभा चुनाव से 3 वर्ष पहले ही मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखने में जुट गए हैं। प्रदेश की जनता वर्ष 2023 में एक नया इतिहास लिखेगी और कांग्रेस की सरकार लगातार दूसरी बार सत्तासीन होगी।
भारतीय जनता पार्टी अपना अंदरूनी झगड़ा नहीं सुलझा पा रही है पार्टी के अंदर अंतर कलह चल रही है छत्तीसगढ़ में भाजपा के नेता 18 महीनों से कांग्रेस के खिलाफ कोई मुद्दा नही बना पा रही है। प्रदेशाध्यक्ष के नाम के अलावा भाजपा कार्यकत्र्ताओं को न प्रदेश की कार्यकारिणी का पता है और न ही जिलों व मंडलों की कार्यकारिणी का। ऐसे में भाजपा का मनोबल पूरी तरह से टूट चुका है और भाजपा जमीन से पूरी तरह से उखड़ चुकी है। कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने कहा छत्तीसगढ़ में भाजपा कोरोना काल मे समस्याएं पैदा करने के लिए सब कुछ किया है, लेकिन उसे कभी सफलता नहीं मिल पाएगी. यह भूपेश बघेल की सरकार है, कुमारस्वामी की नहीं, उन्हें इस सरकार में घोड़े का व्यापार करने के लिए सात जन्म लेने होंगे।सांसद सरोज पांडेय सिर्फ अखबारों की सुर्खियों में बने रहने के लिए अनर्गल बयानबाजी करते हैं, जमीनी हकीकत को नहीं देख पा रहे और न ही लोगों की नब्ज को टटोल पा रहे हैं। वर्ष 2023 जब आएगा तो उनके पैरों के नीचे की जमीन खिसक चुकी होगी।

