केंद्र की इस निर्णय पर किसान अपने अनाज को भारत मे कही भी बेचने पर कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस निर्णय से छोटे किसानों को नहीं मिलेगा लाभ।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवम पूर्व जनपद अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने केंद्र की भाजपा सरकार के इस निर्णय पर की किसान अपने अनाज भारत के किसी भी जगह बेच सकेगा पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि सरकार के इस निर्णय से छोटे किसानों को कोई लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि छोटा किसान अपनी फसल को दूसरी जगह नहीं ले जा सकता। वह अपने आसपास ही किसी आढ़ती या व्यापारी को अपना अनाज बेचेंगे। वह व्यापारी या आढ़ती उसे दूसरी मंडियों में बेचकर मुनाफा लेगा न कि छोटा किसान। इस प्रकार सरकार के इस निर्णय से किसानों को अधिक लाभ मिलता नहीं दिखाई दे रहा है। कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने कहा कि यह निर्णय केंद्र सरकार की कैबिनेट ने बहुत हल्के से ले लिये है जो हानिकारक है।
इन निर्णयों का दीर्घकालीन दुष्प्रभाव यह होगा की आने वाले समय में हमारा पूरा कृषि क्षेत्र देशी व विदेशी निजी निवेशकों का गुलाम बन कर रह जायेगा। किसान मजदूर बनकर रह जायेगा। उसकी स्थिति बदतर बने रहेगी तथा आम जनता मंहगे में कृषि उत्पाद खरीदने को मजबूर हो जायेगी। देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली प्रभावित हो जायेगी। एक ओर नीति आयोग तक स्वीकार कर चुका है कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल पाता। यह समाचार हम देश के विभिन्न कोनों से सुनते भी रहते हैं। जब सरकारी नियंत्रण के बाद भी यह हाल हैं तो दलालों को सरकारी छूट मिल गयी तो किसानों का क्या होगा सोचा जा सकता है।ऐसे में यह निर्णय से 95 % किसानों को फायदा होते नही दिख रहा है इस निर्णय से सिर्फ ब्यापारी या आढाती को फायदा होते दिख रहा है कुछ दिन पहले केंद्र सरकार ने 53 रुपये धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 1868 रुपये प्रति कविंटल किया है यह वृद्धि किसान के लिए अपर्याप्त है जबकि दूसरी ओर छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार 2500 रुपये में धान प्रति कविंटल खरीद रही है जो अपने आप में पूरे देश मे कीर्तिमान साबित हुआ है अब केन्द्र की भाजपा सरकार किसानों की फसल लाभकारी मूल्य पर खरीदे, ताकि उसे उसकी मेहनत का कुछ लाभ मिल सके।

