कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने कहा पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति जागरूक और सचेत करना, प्रकृति बिना मानव जीवन संभव नहीं।
-छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवम पूर्व जनपद अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने विश्व पर्यावरण दिवस पर बताया कि इसलिए हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इसका मकसद है- लोगों को पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति जागरूक और सचेत करना। प्रकृति बिना मानव जीवन संभव नहीं। इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि हम यह समझें कि हमारे लिए पेड़-पौधे, जंगल, नदियां, झीलें, जमीन, पहाड़ कितने जरूरी हैं। इस दिवस को मनाने का फैसला 1972 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन में चर्चा के बाद लिया गया। इसके बाद 5 जून 1974 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया।
कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नागरिकों से आह्वान किया है कि पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखें और पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पण भाव से एकजुट होकर प्रयास करें। पर्यावरण सृष्टि का अमूल्य उपहार है और इसे हमें सहेज कर रखना होगा। प्राचीनकाल में हम पर्यावरण के महत्व को समझते थे और प्रकृति के साथ एक संतुलन की स्थिति थी, किन्तु आज आधुनिक विकास की दौड़ में मानव और प्रकृति के बीच असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे कारण प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, बाढ़, सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है। यह समय आ गया है कि हम सजग रहकर पर्यावरण को बचाने का प्रयास करें।
कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने कहा कि पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए अपने आसपास के स्थान में स्वच्छता बनाएं रखें, नदी, तालाब, पोखर को दूषित न करें। प्रदूषण रोकने और पर्यावरण को बचाने के लिए के कम से कम एक पौधा लगाएं और उनका संरक्षण भी करें। घर में बच्चों को पर्यावरण का महत्व समझाएं और उन्हें पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाएं।
पूर्व जनपद अध्यक्ष राजेंद्र बंजारे ने आगे कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस 2020 की थीम ‘जैव-विविधता’ है। इस थीम के जरिए इस बार संदेश दिया जा रहा है कि जैव विविधता संरक्षण एवं प्राकृतिक संतुलन होना मानव जीवन के अस्तित्व के लिए बेहद आवश्यक है। जैव विविधता को बनाये रखने के लिए हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम अपनी धरती के पर्यावरण को बनाये रखें। ‘जैव विविधता’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है- जैविक और विविधता। सामान्य रूप से जैव विविधता का अर्थ जीव जन्तुओं एवं वनस्पतियों की विभिन्न प्रजातियों से है। प्रकृति में मानव, अन्य जीव जन्तु और वनस्पतियों का संसार एक दूसरे से इस प्रकार जुड़ा है कि किसी के भी बाधित हाने से सभी का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे मानव जीवन पर बुरा असर पड़ता।

