करॉना वायरस से मरनेवालों की संख्या 132 हुई

पेइचिंग
चीन में घातक करॉना वायरस का कहर इस कदर बढ़ता जा रहा है कि इससे 25 और लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। वायरस से मरनेवालों की संख्या बढ़कर 132 हो गई है। इस बीच भारत सरकार ने वायरस के खतरे को देखते हुए चीन से मदद मांगी है। करीब 6,000 लोगों के इसकी चपेट में आने की भी पुष्टि की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वायरस संक्रमण अगले 10 दिन में चरम पर पहुंच जाएगा। इस कारण से मृतकों की संख्या में काफी इजाफा होगा।

भारत सरकार ने छात्रों को निकालने में चीन से मांगी मदद
इस वक्त चीन खुद वायरस संक्रमण को रोकने के लिए युद्ध स्तर पर संघर्ष कर रहा है। इस बीच भारत सरकार ने वुहान में फंसे भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए पेइचिंग से औपचारिक अनुरोध किया है। केंद्र सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पेइचिंग दूतावास लगातार भारतीय छात्रों के संपर्क में बना है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने छात्रों को निकालने के लिए सभी जरूरी तैयारी कर ली है।


132 लोगों की वायरस के कारण मौत

चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि वायरस संक्रमण के 5,974 मामलों की पुष्टि हो गई और वायरस की वजह से होनेवाले न्यूमोनिया के 31 नए मामले मंगलवार तक सामने आए थे। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार अभी तक कुल 132 लोग इस वायरस के कारण मारे गए हैं। समाचार एजेंसी की ओर से जारी सूचना में कहा कि मंगलवार तक हुबेई प्रांत में करॉना वायरस के कारण 125 लोगों की मौत हो गई और 3,554 मामलों की पुष्टि हुई थी।

2002-03 में भी चीन ने झेला था वायरस प्रकोप
एजेंसी ने बताया कि करॉना वायरस से पीड़ितों लोगों में से 1,239 की हालत गंभीर है और चीन में इसके 9,239 संभावित मामले सामने आए हैं। करॉना वायरस विषाणुओं का एक बड़ा समूह है, लेकिन इनमें से केवल छह विषाणु ही लोगों को संक्रमित करते हैं। इसके सामान्य प्रभावों के चलते सर्दी-जुकाम होता है लेकिन सिवियर अक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (सार्स) ऐसा करॉना वायरस है जिसके प्रकोप से 2002-03 में चीन और हॉन्ग कॉन्ग में करीब 650 लोगों की मौत हो गई थी।

इनपुट: भाषा

Source: International

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