करॉना: चीन में एक वीक में बनेगा अस्पताल

पेइचिंग
के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए चीन में प्रशासन अलर्ट है और इसे रोकने के लिए कई फैसले लिए गए हैं जिनमें एक सप्ताह के भीतर 1000 बिस्तरों वाले अस्पताल का निर्माण भी है। यह पढ़, सुनकर आप भले हैरान हो जाएं, लेकिन यह सच है और करॉना के केंद्र वुहान शहर में मरीजों के इलाज के लिए यह अस्पताल बनाया जा रहा है। दरअसल, 2003 में जब सार्स फैला था तब भी चीन ने ऐसा ही कारनामा कर दिखाया था जिसे स्थानीय अखबारों ने स्वास्थ्य जगत का चमत्कार बताया था।

बता दें कि अब तक इस वायरस की चपेट में आकर 41 लोगों की मौत हो गई है और 1300 लोगों के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। चीन में अब तक 18 शहरों को सील कर दिया गया है जबकि 5 करोड़ से अधिक लोग अपने घरों के भीतर सिमट से गए हैं। वह भी तब जब आज वहां नए साल का जश्न मनाया जा रहा है। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने करॉना की व्यापकता को देखते हुए आपातकालन घोषित कर दिया है। माना जा रहा है कि यह वायरस पिछले साल पैदा हुआ था।

साइट पर मशीनों की फौज
चीनी मीडिया के मुताबिक, यह अस्पताल स्थानीय हॉलिडे कॉम्प्लेक्स के पास बनाया जा रहा है जहां स्थानीय कामगार रहते हैं। इलाके में बिल्डिंग बनाने वाली मशीनें देखी जा रही हैं। 35 डिगर और 10 बुलडोर गुरुवार रात ही इलाके में पहुंचाया गया था। इस बिल्डिंग को सोमवार तक पूरा करने की योजना है। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘इसके निर्माण के पीछ मुख्य वजह मौजूदा मेडिकल संसाधनों की कमी को पूरा करना है। क्योंकि यह पूरी तरह से तैयार बिल्डिंग होगा, यह न सिर्फ बेहद तेजी से बनेगा, बल्कि निर्माण में ज्यादा खर्च भी नहीं आएगा।’

के अनुभव से ली मदद
उधर, अस्पताल निर्माण में शामिल कंपनियों में से एक चाइना स्टेट कंस्ट्रक्शन इंजिनियरिंग ने शुक्रवार को कहा कि यह हर वह कदम उठा रही है जो इस बिल्डिंग के निर्माण के लिए जरूरी है। इसने बताया कि साइट पर 100 से ज्यादा वर्कर मौजूद हैं। इस कंपनी ने वीचैट पर साइट की तस्वीर शेयर की है जिसमें कंस्ट्रक्शन की काफी मशीनें नजर आ रही हैं। दरअसल, 2003 में जब पेइचिंग में सार्स फैला था तब इसी तरह की व्यवस्था की गई थी और उस दौरान 774 लोगों की मौत हो गई थी। यह वायरस करीब 30 देशों में फैल गया था। पेइचिंग में तब वह अस्पताल 7000 कामगारों की मदद से बनाया गया था। पेइचिंग के उत्तरी सब-अर्बन एरिया में यह अस्पताल एक सप्ताह के भीतर बना दिया गया था।

Source: International

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