स्मार्ट और आरामदायक बनेगी आर्मी यूनिफॉर्म

नई दिल्ली
इंडियन आर्मी की यूनिफॉर्म में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की गई है। आर्मी की कॉम्बेट यूनिफॉर्म सहित सभी तरह की यूनिफॉर्म को ज्यादा आरामदायक ज्यादा स्मार्ट बनाने के लिए इंडस्ट्री से सैंपल मंगाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक जो सैंपल आए हैं उनका प्रजेंटेशन बुधवार या गुरुवार को आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत के सामने किया जाएगा। बदलाव की इस कवायद का मकसद यूनिफॉर्म में समानता लाना भी है।

बदलाव की जरूरत क्यों
आर्मी सूत्रों के मुताबिक बदलती ऑपरेशनल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यूनिफॉर्म में बदलाव की कवायद शुरू की गई है। साथ ही वक्त के साथ टेक्सटाइल टेक्नॉलजी भी काफी बदल गई है और फौज को ज्यादा आरामदायक यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के मकसद से भी यह किया जा रहा है। आर्मी की कॉम्बेट ड्रेस, समर और विंटर की रेगुलर ड्रेस, सेरिमोनियल ड्रेस, मेस की ड्रेस सभी में बदलाव की कोशिश की जा रही है। इंडस्ट्री से जो सैंपल आए हैं उनमें से सिलेक्ट करके इन्हें आर्मी की सभी कमांड को ट्रायल के लिए भेजा जाएगा। ताकि इन्हें पहनकर इनके फैब्रिक और डिजाइन का कंफर्ट लेवल देखा जा सके। फिर अलग अलग सैंपल में तुलना की जाएगी और जो सबसे बेहतर लगेगा उसे आगे बढ़ाया जाएगा।

क्या हो सकता है बदलाव
आर्मी सूत्रों के मुताबिक हर मौसम की यूनिफॉर्म को ज्यादा आरामदायक बनाने के लिए इसके फैब्रिक में बदलाव होगा। साथ ही डिजाइन में भी कुछ बदलाव हो सकता है ताकि वह ऑपरेशनल जरूरतों के हिसाब से ज्यादा आरामदायक बने। इसके साथ ही यह कोशिश भी है कि यूनिफॉर्म में समानता आए। अभी एक ही यूनिट के अलग अलग फौजियों की यूनिफॉर्म में क्वॉलिटी से लेकर कई बार पैटर्न का भी फर्क दिखाई देता है। किसी की यूनिफॉर्म डार्क शेड की होती है तो किसी की लाइट। बदलाव के साथ पैटर्न और फैब्रिक की समानता भी लाई जाएगी।

सबका पैटर्न एक हो इसके लिए यूनिफॉर्म कहां से लेनी है उसके वेंडर अधिकृत किए जा सकते हैं। एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक फ्रैब्रिक से यूनिफॉर्म सिलने में कई बार डिजाइन में भी कुछ फर्क दिखता है इसलिए इस विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है कि यूनिफॉर्म को फैब्रिक के तौर पर न देकर गारमेंट (यानी सिली हुई ड्रेस ) के तौर पर सब साइज में उपलब्ध कराया जाए।

Source: National

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