Ayan News: कांकेर। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय तथा एन.जी.टी. द्वारा जारी अधिसूचना अनुसार कोयला या लिग्नाइट आधारित तापीय विद्युत संयंत्र से उत्सर्जित फ्लाई एश का 300 किलोमीटर की परिधि के भीतर संनिर्माण परियोजनाओं और भवनों, सड़कों, बांधों एवं अन्य कार्यों में फ्लाई एश आधारित ईंट का अधिक से अधिक उपयोग किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी जानकारी देते हुए खनिज अधिकारी प्रमोद कुमार नायक ने बताया कि मिट्टी के ईंट निर्माण के लिए फिक्स्ड चिमनी का प्रयोग किया जाना है।
Afroj khwaja:-मिट्टी की ईंट बनाने के लिए करना होगा फिक्स्ड चिमनी का उपयोग

