कांकेर के बालाजी हॉस्पिटल में निःशुल्क न्यूरोलॉजी शिविर संपन्न, विशेषज्ञ डॉक्टर आशा साहू ने दी सेवाएं
जिले के भारी संख्या में मरीजों ने कराया इलाज, मस्तिष्क और तंत्रिका रोगों के लिए मिले विशेष परामर्श से ग्रामीणों में खुशी
कांकेर। कांकेर और आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य से जुड़ी राहत भरी खबर सामने आई। कांकेर के बालाजी हॉस्पिटल में 1 नवंबर 2026 रविवार को निःशुल्क न्यूरोलॉजी परामर्श शिविर का आयोजन किया गया, जो सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविर में रायपुर की जानी मानी न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर आशा साहू ने मरीजों को परामर्श दिया। जिले के भारी संख्या में मरीजों ने पहुंचकर इलाज कराया और शिविर का लाभ भी उठाया।
शिविर का स्थान और समय
आयोजन के अनुसार शिविर का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक रखा गया था। स्थान बालाजी हॉस्पिटल, कांकेर निर्धारित किया गया था। रजिस्ट्रेशन और संपर्क के लिए दो नंबर जारी किए गए थे 9425259957 और 8839002511। समय पर परामर्श मिलने से बीमारी को शुरुआती दौर में समझने में मदद मिली, जिसे लेकर मरीजों में संतोष देखा गया।
डॉक्टर आशा साहू की विशेषज्ञता
आशा साहू वर्तमान में कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने मेदांता द मेडिसिटी गुरुग्राम से डीआरएनबी न्यूरोलॉजी की शिक्षा प्राप्त की है। मस्तिष्क, रीढ़ और नसों से जुड़ी बीमारियों के इलाज में उनका अनुभव रहा है। कांकेर जैसे जिले में उनकी उपस्थिति से स्थानीय मरीजों को बड़े शहरों में जाने की जरूरत कम हुई और उन्हें अपने जिले के पास ही विशेषज्ञ सलाह मिल सकी।
किन बीमारियों के लिए मिला परामर्श
इस शिविर में कई तरह की न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के लिए परामर्श उपलब्ध कराया गया। इनमें स्ट्रोक या लकवा, सिरदर्द एवं माइग्रेन, मिर्गी, चक्कर आना, पार्किंसन रोग, याददाश्त की समस्या, न्यूरोपैथी और अन्य तंत्रिका संबंधी समस्याएं शामिल रही। शिविर में निःशुल्क न्यूरोलॉजी परामर्श के साथ निःशुल्क न्यूरोपैथी स्क्रीनिंग की सुविधा भी दी गई, जिसका जिले के भारी संख्या में मरीजों ने लाभ उठाया।
क्षेत्र के लोगों के लिए क्यों जरूरी रहा यह शिविर
कांकेर जिले में न्यूरोलॉजी से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। कई बार जानकारी के अभाव में लोग समय पर डॉक्टर से संपर्क नहीं कर पाते। इस तरह के शिविर से लोगों में जागरूकता बढ़ी और सही समय पर सही इलाज की दिशा में मदद मिली। स्वास्थ्य से जुड़े लोगों का मानना है कि ऐसे शिविर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ज्यादा लाभदायक साबित हो रहे हैं।
आयोजकों ने कहा कि समय पर परामर्श, बेहतर समझ और स्वस्थ कल के संदेश के साथ यह शिविर लगाया गया था। मरीज अपनी पुरानी जांच रिपोर्ट साथ लेकर पहुंचे थे और समय का ध्यान रखते हुए अस्पताल में उपस्थित हुए।

