महासमुंद में 0.83 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर कब्जे का आरोप, मानवाधिकार अध्यक्ष और रूद्र सेना के संगठन महामंत्री ने कलेक्टर से की शिकायत

महासमुंद में 0.83 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर कब्जे का आरोप, मानवाधिकार अध्यक्ष और रूद्र सेना के संगठन महामंत्री ने कलेक्टर से की शिकायत


0.029 की जगह 0.83 हेक्टेयर अपने नाम कराने का खेल उजागर, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
महासमुंद। जिले के ग्राम गढ़फूलझर पटवारी हल्का नंबर 45 तहसील बसना स्थित भूमि पुराना खसरा नंबर 152/1 नया खसरा नंबर 752 एवं खसरा नंबर 152/4 नया खसरा नंबर 751 में षड्यंत्र कर 0.83 हेक्टेयर शासकीय भूमि को राजस्व अभिलेख में दुरुस्त कराकर विक्रय करने के प्रयास का मामला सामने आया है। इस मामले में रायपुर जिला मानव अधिकार अध्यक्ष कुलराज सिंह और रुद्र सेना के प्रदेश संगठन महामंत्री व अखिल भारतीय हिंदू परिषद के प्रदेश संगठन महामंत्री गणेश तिवारी ने जिलाधीश महासमुंद को शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। शिकायत पर कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल मामला तहसील में लंबित बताया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला, कैसे हुआ रिकॉर्ड में खेल
शिकायत के अनुसार प्रश्नाधीन भूमि खसरा नंबर 152/1 वर्ष 1975-76 में अधिकार अभिलेख बी-1 में रकबा 0.029 हेक्टेयर दर्ज थी जिसे भजन सिंह पिता शिवनाथ सिंह सिक्ख द्वारा विक्रय किया जा चुका था। बंदोबस्त के दौरान नवीन खसरा नंबर 766, 752 एवं 751 निर्मित हुए और त्रुटिपूर्ण कार्रवाई से रकबा क्रमशः 0.40, 0.20, 0.27 हेक्टेयर दर्ज हो गया। इसी त्रुटि को आधार बनाकर हरजीत सिंह पिता भजन सिंह निवासी बसना ने समाविष्ट अधिक रकबा को अपने नाम दर्ज कराने के लिए राजस्व प्रकरण क्रमांक 10/5 वर्ष 2009-10 हरजीत सिंह विरुद्ध हेमंत कुमार व अन्य न्यायालय तहसीलदार बसना के समक्ष प्रस्तुत किया।
पहले खारिज हो चुका प्रकरण, तथ्य छिपाकर दोबारा प्रस्तुत करने का आरोप
शिकायत में बताया गया है कि इससे पूर्व तहसीलदार बसना द्वारा प्रकरण क्रमांक 253/5 वर्ष 2008-09 में दिनांक 17.05.2010 को आदेश पारित कर आवेदन निरस्त किया जा चुका था। पूर्व प्रकरण के विरुद्ध अपील आयुक्त रायपुर संभाग में लंबित रहने और अपर कलेक्टर महासमुंद के समक्ष अपील लंबित होने के तथ्य को छिपाकर नया प्रकरण प्रस्तुत कर राजस्व कर्मचारियों अधिकारियों के साथ षड्यंत्र कर मूल 0.029 हेक्टेयर भूमि जो पहले ही विक्रय हो चुकी थी, उसके एवज में खसरा नंबर 751, 752, 756 में क्रमशः 0.26, 0.19, 0.38 हेक्टेयर कुल 0.83 हेक्टेयर शासकीय भूमि अपने नाम दर्ज करा ली गई।
करोड़ों की भूमि बेचने के प्रयास का आरोप, कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
शिकायतकर्ता कुलराज सिंह और गणेश तिवारी ने आरोप लगाया है कि हरजीत सिंह के नाम दर्ज कराई गई शासकीय कीमती भूमि को करोड़ों रुपए में बेचने का प्रयास किया जा रहा है। इस कूटरचना से शासन को क्षति पहुंचाने और षड्यंत्र में शामिल कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई, प्राथमिकी दर्ज करने तथा गलत तरीके से दर्ज भूमि को जांच कर शासकीय मद में दर्ज करने की मांग की गई है। शिकायत के बाद कलेक्टर द्वारा मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
दस्तावेज पेश, निष्पक्ष जांच की मांग
शिकायतकर्ताओं ने वर्ष 1975-76 का बी-1 और अपर कलेक्टर जिला महासमुंद का ज्ञापन क्रमांक 915/वा./अ.कले./2022 दिनांक 27.09.2022 दस्तावेज के रूप में पेश किया है। मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर शासकीय भूमि को सुरक्षित किया जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। वर्तमान में मामला तहसील स्तर पर लंबित है।

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