3 अक्टूबर के कोंडागांव महाधरने को छत्तीसगढ़िया सर्व समाज महासंघ का समर्थन
27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू करने और जनगणना में अलग कॉलम की मांग को लेकर प्रदेशभर से सहभागिता का आह्वानरायपुर। छत्तीसगढ़िया सर्व समाज महासंघ ने छत्तीसगढ़ सर्व पिछड़ा वर्ग समाज द्वारा आगामी 3 अक्टूबर 2026 को कोंडागांव में आयोजित महाधरना एवं महासम्मेलन को समर्थन दिया है। महासंघ ने प्रदेशभर के सामाजिक संगठनों, पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों से बड़ी संख्या में कोंडागांव पहुंचकर कार्यक्रम में सहभागिता करने का आह्वान किया है।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु, कार्यकारी अध्यक्ष बी.एस. रावटे, लखन लाल कोसले, प्रदेश उपाध्यक्ष युवराज सिन्हा, लखन राजवाड़े, लक्ष्मीकांत गहवई, खोड़स कश्यप, महामंत्री नरेश राजवाड़े, महासचिव उमाकांत वर्मा, संगठन मंत्री चंदन सोनी, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष राजा निर्मलकर, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष रानी पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष रेखा देवदास, महामंत्री धनमती यादव, दिनेश निर्मलकर सहित अन्य पदाधिकारियों ने सामाजिक प्रतिनिधियों से महाधरने में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
महासंघ ने कहा कि 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू करना तथा राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी के लिए पृथक कॉलम शामिल करना पिछड़ा वर्ग समाज की प्रमुख मांगें हैं। संगठन के अनुसार शिक्षा, रोजगार एवं अन्य अवसरों में पिछड़ा वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आरक्षण से जुड़े विषय पर आवश्यक संवैधानिक प्रक्रिया शीघ्र पूरी किया जाना आवश्यक है।
महासंघ ने आगामी जनगणना में ओबीसी की आबादी का पृथक आंकड़ा दर्ज करने की मांग भी दोहराई। संगठन का कहना है कि अलग आंकड़े उपलब्ध होने से पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या से संबंधित वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और नीतिगत निर्णयों में इसका उपयोग किया जा सकेगा।
महासंघ ने बताया कि इन मांगों को लेकर सामाजिक संगठनों द्वारा पूर्व में भी शासन-प्रशासन के समक्ष ज्ञापन एवं मांग रखी गई है। 3 अक्टूबर को कोंडागांव में आयोजित महाधरना एवं महासम्मेलन को इसी क्रम में एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक कार्यक्रम बताया गया है।
महासंघ ने प्रदेश के सभी सामाजिक संगठनों, पदाधिकारियों, युवा एवं महिला प्रकोष्ठों तथा सामाजिक प्रतिनिधियों से 3 अक्टूबर को अधिक से अधिक संख्या में कोंडागांव पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। संगठन ने कहा कि सामाजिक एवं संवैधानिक विषयों से जुड़ी मांगों को लेकर आगे भी शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जाएगी।👍

