*”बकरीपालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास” में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

*”बकरीपालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास” में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम*


पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा, दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनू विश्वविदयालय, अंजोरा, दुर्ग (छ.ग.) में बकरी पालक किसानों एवं उद्यमियों के विशेष मांग पर ‘बकरीपालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास” में प्रशिक्षण कार्यकम का पद्रहवा बैच दिनांक 23 से 25 सितंबर, 2026 तक आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बकरी पालन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे छत्तीसगढ में बकरी पालन की संभावनायें, छत्तीसगढ की जलवायु के लिये उपयुक्त नस्ले, उनका आवास एवं सामान्य प्रबंधन, भोजन का प्रबंधन, बकरियों में आकस्मिक शल्य चिकित्सा एवं प्राथमिक उपचार, बकरियों में होने वाली महत्वपूर्ण बीमारियां, उनका टीकाकरण, रोकथाम, छत्तीसगढ़ एवं भारत सरकार दवारा बकरी पालन व्यवसाय को बढावा देने के लिये चलाई जा रही वाली महत्वपूर्ण योजनाये जैसे छ.ग. शासन, एन.एल.एम एवं नाबार्ड पोषित योजनाये, आवेदन प्रकिया, बैंक लोन की प्रक्रिया, छत्तीसगढ राज्य में बकरीपालन में संभावनायें के बारे में विभिन्न विषय विशेषज्ञों के दवारा सारगर्भित व्याख्यान एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है जिसके लिये प्रशिक्षण शुल्क रु. 3000 (बिना रहवासी) एवं रु. 4000 (रहवासी) रखा गया है। प्रशिक्षण शुल्क अंतिम तिथि 18 सितंबर 2026 तक जमा करके प्रशिक्षण के लिये रजिस्ट्रेशन कर सकते है। इस प्रशिक्षण के पहले 14 बैचों में बकरी पालन, मुर्गी पालन, गाय पालन एवं सूकरपालन में 3 दिवसीय प्रशिक्षण जुलाई 2023 से जुलाई 2025 को संपन्न हुआ था जिसमें लगभग 800 प्रशिक्षणार्थियों ने इस प्रशिक्षण लिया था। इस प्रशिक्षण की अधिक जानकारी के लिये प्रशिक्षण प्रभारी डा. रामचंद्र रामटेके, सहायक प्राध्यापक एवं मुख्य अन्वेषक, ए.आई.सी.आर.पी, अंजोरी बकरी परियोजना, डा. दिलीप चौधरी जनसंर्पक अधिकारी, दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनू विश्वविदयालय, अंजोरा, दुर्ग (छ.ग.) एवं पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा, दुर्ग में कार्यालयीन समय पर संपर्क किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिये मोबाइल न. 9329583360 में संपर्क करे ।

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