*हिरासत में मौत पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार, नैतिकता बाकि है तो गृह मंत्री इस्तीफा दे – कांग्रेस*

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी



*हिरासत में मौत पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार, नैतिकता बाकि है तो गृह मंत्री इस्तीफा दे – कांग्रेस*
*साय सरकार की नाकाम पुलिस का क्रूर और हत्यारी चेहरा सर्वोच्च न्यायालय में बेनकाब*
रायपुर/27 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में पुलिस हिरासत में मौत पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि राज्य की पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर देश के सर्वाेच्च न्यायालय ने गंभीर सवाल उठाते हुए इस सरकार को आईना दिखाया है। हिरासत में मौत पर 2 साल 7 महीनों बाद एफआईआर दर्ज करने पर आपत्ति दर्ज की है, शासन की ओर से दायर हलफनामों में दर्ज तथ्यों के विरोधाभास को सुप्रीम कोर्ट के साथ धोखाधड़ी कहा है, अदालत को गुमराह करने का कुत्सित प्रयास करार देते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने कड़ी फटकार लगाई है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि भाजपा के कुशासन में फर्जी एनकाउंटर, फर्जी मामला बनाकर गिरफ्तारी, झूठे मुकदमों में फंसा कर भयादोहन, प्रशासनिक बर्बरता और अत्याचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, विगत दिनों पुलिस ने राजनांदगांव के भंवरमरा गांव से एक युवक दुर्गेश कठोरिया, को गिरफ्तार कर धमतरी ले आई थी जहां पर अदालत में प्रस्तुत कर उसे रिमांड पर लिया गया तथा पुलिस अभिरक्षा में उसकी मौत हो गयी, इसी तरह कवर्धा के लोहारीडीह में प्रशांत साहू, कोरबा में सूरजपुर हथठेल, बलरामपुर में गुरुचरण मंडल की पुलिस की हिरासत में मौत के मामले सामने आये है। चारामा के पूर्व जनपद अध्यक्ष और वरिष्ठ आदिवासी नेता जीवन ठाकुर की मौत न्यायिक अभिरक्षा में हुई, परिजनों का आरोप है कि फर्जी मामले में गिरफ्तार करके यातनाएं दी गई, सामान्य मौत नहीं यह सीधे तौर पर प्रशासनिक दमन से की गई हत्या है। पुलिस कानून व्यवस्था तो संभाल नहीं पा रही हिरासत में लेकर निर्दाेषों की हत्या कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि साय सरकार की पुलिस नाकाम तो थी ही क्रूर और हत्यारी भी बन गयी है। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद पुलिस हिरासत में लगभग आधा दर्जन मौतें हो चुकी है। पुलिस कानून व्यवस्था तो संभाल नहीं पा रही, खुद कानून हाथ में लेकर हत्या करने पर उतारू हो गयी है। जशपुर में दिन दहाड़े एक महिला सरपंच की हत्या कर दिया गया, इसीदिन राज्य में पुलिस का क्रूर चेहरा एक बार फिर सामने आया। धमतरी में राजनांदगांव के एक युवक की पुलिस कस्टडी में मौत हो गयी। प्रशासनिक दमन और पुलिसिया अत्याचार के खिलाफ पूर प्रदेश उबल रहा है, साय सरकार की पुलिस अत्याचारी और हत्यारी हो गयी।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि पुलिस अभिरक्षा और न्यायिक हिरासत में मौत सभ्य समाज में सर्वथा अस्वीकार्य है, ऐसी बर्बर और अत्याचारी कृत्यों लिए जिम्मेदार पुलिस और जेल अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाये। पुलिस हिरासत में हो रही मौतों की नैतिक जवाबदारी लेकर गृहमंत्री विजय शर्मा तत्काल इस्तीफा दे।
सुरेंद्र वर्मामुख्य प्रवक्ताछत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटीमोबाइल नं. 98262-74000

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