बेटियों को अकेला घर के बाहर खेलते देखते हुए पड़ोस में रहने वाली गंगाबाई बजारे ने उनका अपहरण कर लिया। अपहरण करने के बाद गंगाबाई ने नम्रता और निकिता को बांधा और घर का गेट बंद कर लिया। गेट बंद करने के बाद आरोपी महिला ने ढाई साल की नम्रता को गला घोंटकर मारा और फिर अपने घर के सैप्टिक टैंक में बंद कर दिया।
नम्रता बेहोश हो गई तो आरोपियां ने उसे बाहर निकाला और आंगन में पड़ी रेत में गाड़ दिया। नम्रता की हत्या करने के बाद आरोपी निकिता के पास पहुंची, इस दौरान नेमदास निराला बच्चियों को ढूंढता हुआ ग्रामीणों के साथ गंगाबाई के घर पहुंचा। बेटी निकिता को आरोपियां की कैद से छुड़ाया तो उसे पूरी घटना के बारे में पता चला। बताया जा रहा है आरोपी महिला रिश्ते में मृतका की चाची लगती हैं।
पुलिस ने आरोपी महिला को आईपीसी की धारा 302 और 307 के तहत गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला ने हत्या करना कबूल कर लिया है मगर महिला ने हत्या क्यों की है। अभी तक इसका पता नहीं चल पाया है। महिला बार-बार अपना बयान बदल रही है। अपने एक बयान में उसने कहा था कि उसके पिता ने उसके बच्चे की जान ली थी इसलिए बदले में उसने ऐसा किया।

