*यादवी संघर्ष’ संबंधी बयान पर मीत यादव ने जताया विरोध, कहा—समाज के सम्मान से कोई समझौता नहीं*
रायपुर। पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता अजय चंद्राकर द्वारा ‘यादवी संघर्ष’ को लेकर दिए गए कथित बयान पर सर्व यादव समाज रायपुर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मीत यादव ने कड़ी आपत्ति जताते हुए विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि यादव समाज मेहनत, संघर्ष, सामाजिक एकता और भाईचारे में विश्वास रखने वाला समाज है। समाज के इतिहास, सम्मान और सामाजिक अस्मिता को लेकर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या अपमानजनक टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मीत यादव ने कहा कि अजय चंद्राकर जैसे वरिष्ठ राजनीतिक व्यक्ति के द्वारा सार्वजनिक मंच से समाज से जुड़े विषय पर इस प्रकार की टिप्पणी किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी भी राजनीतिक परिस्थिति या चुनावी संदर्भ में किसी समाज की भावनाओं को आहत करना उचित नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘यादवी संघर्ष’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किस राजनीतिक संदर्भ में किया गया, यह अलग विषय हो सकता है, लेकिन इससे यादव समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। समाज अपने सम्मान और स्वाभिमान के विषय में पूरी तरह सजग है तथा ऐसे मामलों में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।
मीत यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में होने वाले युवा कांग्रेस के चुनाव के राजनीतिक संदर्भ में यदि यह बयान दिया गया है, तो भी किसी समाज को लेकर टिप्पणी करना उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया है और इसमें विचारों एवं नीतियों के आधार पर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, न कि किसी समाज की भावनाओं को निशाना बनाकर।
उन्होंने कहा कि यादव समाज छत्तीसगढ़ के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आया है। समाज के युवाओं में शिक्षा, रोजगार, सामाजिक नेतृत्व और लोकतांत्रिक भागीदारी को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। ऐसे समय में समाज को लेकर की गई किसी भी टिप्पणी का असर केवल राजनीतिक स्तर पर नहीं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी पड़ता है।
मीत यादव ने कहा कि समाज किसी व्यक्ति के खिलाफ व्यक्तिगत दुर्भावना नहीं रखता, लेकिन समाज के सम्मान के प्रश्न पर चुप भी नहीं बैठेगा। उन्होंने अजय चंद्राकर से अपील की कि वे अपने कथित बयान पर पुनर्विचार करें और यदि उनके शब्दों से यादव समाज की भावनाएं आहत हुई हैं तो समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
उन्होंने कहा कि सर्व यादव समाज सामाजिक एकता, भाईचारे और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संवाद में विश्वास रखता है। समाज का उद्देश्य किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल का विरोध करना नहीं, बल्कि अपने सम्मान और अधिकारों की आवाज मजबूती से रखना है।
मीत यादव ने कहा कि “यादव समाज ने हमेशा संघर्ष किया है, लेकिन यह संघर्ष समाज को तोड़ने के लिए नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने, सम्मान दिलाने और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए है। समाज के सम्मान और स्वाभिमान से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने समाज के सभी लोगों से अपील की कि वे आपसी एकता और भाईचारा बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की भड़काऊ प्रतिक्रिया से बचते हुए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखें।
— मीत यादववरिष्ठ उपाध्यक्ष, सर्व यादव समाज रायपुर

