छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी
*चलते शिक्षण सत्र में शिक्षकों का ट्रांसफ़र? जबरिया उगाही और भयादोहन के लिए चल रहा है तबादला उद्योग- कांग्रेस*
रायपुर/08 अगस्त 2026। बीच शिक्षण सत्र में 700 शिक्षकों के जारी ट्रांसफर लिस्ट पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि शिक्षा विभाग में तबादले की प्रक्रिया केवल ग्रीष्मकालीन अवकाश या शिक्षण सत्र शुरू होने से पहले किए जाने की परंपरा है लेकिन भाजपा की सरकार शिक्षकों से जबरिया उगाही और भयादोहन के लिए नियमों और तय मापदंडों को ताक पर रख कर तबादला उद्योग चला रही है। सरकार के इस अव्यावहारिक निर्णय से बच्चों के पढ़ाई की लय टूटेगी। नए माहौल, नए स्कूल में नए छात्रों के साथ तालमेल बिठाने में शिक्षक और छात्र दोनों को परेशानी होगी, कोर्स समय पर पूरा कर पाना मुश्किल होगा।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा की सरकार शिक्षकों से ज्यादा वसूली के लालच में किस्तों में सूची जारी कर रही है। सरकार में बैठे लोगों का खुद का ही दावा है कि अनुशंसा, प्रस्ताव और आवेदन के आधार पर विभाग ने 1700 शिक्षकों की सूची बनायी थी, आरोप है कि अपेक्षित वसूली का लक्ष्य प्राप्त नहीं होने पर 1000 लोगों की संशोधित सूची बनाई गई, अंतिम तिथि तक चढ़ावा के मापदंडों में कुछ पीछे रह गए शिक्षकों के नाम सूची से बाहर कर दिया गया। भाजपा सरकार के फोकस में बच्चों का भविष्य और शिक्षा व्यवस्था नहीं, भ्रष्टाचार है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि बिना स्पष्ट नियम, ठोस स्थानांतरण नीति, संतुलन और समन्वय के अभाव में केवल वसूली और राजनैतिक दबाव में किए जा रहे ट्रांसफर से शिक्षकों में रोष है। पिछले शिक्षण सत्र में जबरिया अव्यावहारिक युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन) से 10538 स्कूल और 16165 शिक्षक प्रभावित हुए, इस साल ऐसे सैकड़ों शिक्षकों के स्थानांतरण से विद्यार्थियों की पढ़ाई और स्कूलों की व्यवस्था पर विपरीत असर होगा।
सुरेंद्र वर्मामुख्य प्रवक्ताछत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटीमोबाइल 9826274000

