मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच को मिल रही गति, राजमेरगढ़ और कबीर चबूतरा को पर्यटन, संस्कृति एवं जनजातीय विरासत के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेज हुए प्रयास

रायपुर, 01 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्राकृतिक पर्यटन, धार्मिक आस्था स्थलों, जनजातीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एकीकृत कर स्थानीय विकास का नया मॉडल विकसित कर रही है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में प्रदेश के पर्यटन स्थलों का समग्र विकास, स्थानीय समुदायों की सहभागिता तथा रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने गौरेला विकासखंड के राजमेरगढ़, कबीर चबूतरा, अगरियापारा, छोटकीरेवार एवं केवची क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण कर पर्यटन, जनजातीय संस्कृति तथा ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन से जोड़ते हुए स्थानीय लोगों के लिए स्थायी रोजगार के अवसर विकसित किए जाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप विकास का लाभ गांवों तक पहुंचे और स्थानीय संसाधन ही ग्रामीण समृद्धि का आधार बनें।

बैगा होम-स्टे से खुलेगा ग्रामीण पर्यटन और रोजगार का नया अध्याय

राजमेरगढ़ में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बैगा समुदाय के पारंपरिक आवासों के स्वरूप में होम-स्टे विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटकों को जनजातीय जीवन, संस्कृति, खान-पान और परंपराओं को निकट से जानने का अवसर मिलेगा, वहीं स्थानीय परिवारों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह पहल राज्य सरकार की सामुदायिक पर्यटन नीति और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

उन्होंने राजमेरगढ़ के प्राकृतिक ट्रेकिंग मार्गों का भी निरीक्षण कर उन्हें साहसिक पर्यटन के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रकृति प्रेमियों और युवा पर्यटकों के लिए यह क्षेत्र आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सके।

कबीर चबूतरा को धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन का सशक्त केंद्र बनाने पर जोर

कलेक्टर ने जिले के प्रमुख आस्था स्थल कबीर चबूतरा का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने यहां निर्मित सीसी रोड का अवलोकन किया तथा क्रेडा विभाग को सोलर ड्यूल पंप का निर्माण शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सामुदायिक शौचालय निर्माण की कार्ययोजना पर भी अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की।

उन्होंने कबीर चबूतरा स्थित चरण कुंड, कबीर वट सहित अन्य ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों की प्रमाणिकता, ऐतिहासिक महत्व तथा यहां वर्षभर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या की जानकारी ली। स्थानीय लोगों ने बताया कि विशेष रूप से श्रावण माह के प्रत्येक सोमवार और पूर्णिमा के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। कलेक्टर ने इन अवसरों पर बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और स्थानीय उत्पादों को मिलेगा नया मंच

अगरियापारा स्थित बहुउद्देशीय केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केवची वन धन केंद्र के संग्रहण एवं संचालन के लिए पृथक कक्ष आवंटित करने तथा उसके व्यवस्थित संचालन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन धन केंद्र के माध्यम से जनजातीय समुदाय के लघु वनोपज आधारित उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है, जिससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी।

इसके बाद उन्होंने छोटकीरेवार के आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर बच्चों को दिए जा रहे पोषण आहार की गुणवत्ता की जांच की तथा गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की स्थिति का भी जायजा लिया, ताकि शासन की डिजिटल सेवाओं का लाभ ग्रामीणों तक सुगमता से पहुंच सके।

केवची में बनेगा जनजातीय संग्रहालय

कलेक्टर ने केवची में प्रस्तावित जनजातीय संग्रहालय के लिए उपयुक्त स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय बैगा सहित अन्य जनजातीय समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक जीवनशैली, लोककला और इतिहास को संरक्षित करने के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। इससे आने वाली पीढ़ियों को जनजातीय संस्कृति को समझने और जानने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक स्थलों और जनजातीय विरासत को विकास के प्रमुख आधार के रूप में आगे बढ़ा रही है। वहीं पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में प्रदेश के प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों का संरक्षण, सौंदर्यीकरण और सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में चल रहे ये प्रयास न केवल पर्यटन को नई दिशा देंगे, बल्कि स्थानीय युवाओं और ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के स्थायी अवसर भी सृजित करेंगे।

निरीक्षण के दौरान वनमंडलाधिकारी श्रीमती ग्रीष्मी चांद, भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी श्री गौतम पडिभार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अविनाश मिश्रा, एसडीएम पेंड्रारोड श्री अमित बेक, सरपंच श्रीमती सुरंजना आयाम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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