भागवत कथा महोत्सव में रुद्र सेना की सक्रिय भागीदारी
आयोजन की तैयारी से समापन तक निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
रायपुर।
रायपुर के इनडोर स्टेडियम में 8 जुलाई से 14 जुलाई तक आयोजित देवकीनंदन ठाकुर के श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव में रुद्र सेना ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन, छत्तीसगढ़ एवं विश्व शांति सेवा चैरिटी बल ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस सात दिवसीय धार्मिक आयोजन में सह आयोजक के रूप में छत्तीसगढ़ प्रदेश शोडीक समाज और रुद्र सेना की भी सक्रिय सहभागिता रही। कथा के दौरान प्रदेश सहित देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।
रुद्र सेना ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
रुद्र सेना के प्रदेश अध्यक्ष आलोक पांडे तथा पंडोखर सरकार शिष्य मंडल के सदस्य एवं प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव अवस्थी ने कथा की प्रारंभिक तैयारियों से लेकर अंतिम दिवस तक आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग दिया। कथा स्थल की व्यवस्था, संतों के स्वागत, समन्वय और आयोजन संबंधी विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए संगठन ने आयोजन को व्यवस्थित और सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने पूरे आयोजन के दौरान सेवा भाव के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
देशभर के संत-महात्माओं की रही गरिमामयी उपस्थिति
रुद्र सेना के पदाधिकारियों द्वारा छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के संतों एवं धर्माचार्यों को कथा में आमंत्रित किया गया। कथा में चित्रकूट के निर्मोही अखाड़ा से प्रज्ञा भारती, वाराणसी के मणिकर्णिका घाट से शेरवेश्वर नाथ भैरव अघोरी महाराज, छत्तीसगढ़ से दंडी स्वामी पीठाधीश्वर चरक महामेरू, महामंडलेश्वर साध्वी सौम्या किन्नर, दूधाधारी मठ के महंत रामसुंदर दास, महंत वेदप्रकाश दास, डॉ. स्वामी राजेश्वरानंद सहित अनेक संत-महात्माओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। संतों के सान्निध्य में कथा का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
राज्य के शीर्ष जनप्रतिनिधियों ने किया कथा श्रवण
कथा के दौरान छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, संगठन मंत्री पवन साय, राजीव लोचन महाराज, गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष, बाबा गुरु घासीदास की छठी वंशज प्रियंका गुरु सहित प्रदेश के अनेक मंत्री, जनप्रतिनिधि और विभिन्न आयोग, निगम एवं मंडलों के सदस्य भी कथा में शामिल हुए। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह, मंत्री टंकराम वर्मा, केदार कश्यप, राजेश अग्रवाल, गुरु खुशवंत साहेब सहित अनेक गणमान्य लोगों ने कथा का श्रवण कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
सेवा और समर्पण से सफल हुआ आयोजन
रुद्र सेना ने आयोजन के दौरान सेवा, अनुशासन और समन्वय का परिचय देते हुए धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष आलोक पांडे ने बताया कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में सेवा कार्य करना रुद्र सेना की प्राथमिकता है तथा भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में संगठन पूरी निष्ठा के साथ योगदान देता रहेगा। कथा के समापन अवसर पर आयोजन समिति ने सहयोग देने वाले सभी सामाजिक संगठनों, संतों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
रुद्र सेना के कार्यकर्ताओं का रहा विशेष योगदान
पूरे आयोजन को सफल बनाने में रुद्र सेना के प्रदेश अध्यक्ष आलोक पांडे, प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव अवस्थी, जयंत चौधरी, सीमा सिंह, जितेश शर्मा सहित संगठन के अनेक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने निरंतर सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने सेवा, समर्पण और संगठनात्मक समन्वय के माध्यम से आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
रायपुर।
रायपुर के इनडोर स्टेडियम में 8 जुलाई से 14 जुलाई तक आयोजित देवकीनंदन ठाकुर के श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव में रुद्र सेना ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन, छत्तीसगढ़ एवं विश्व शांति सेवा चैरिटी बल ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस सात दिवसीय धार्मिक आयोजन में सह आयोजक के रूप में छत्तीसगढ़ प्रदेश शोडीक समाज और रुद्र सेना की भी सक्रिय सहभागिता रही। कथा के दौरान प्रदेश सहित देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।
रुद्र सेना ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
रुद्र सेना के प्रदेश अध्यक्ष आलोक पांडे तथा पंडोखर सरकार शिष्य मंडल के सदस्य एवं प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव अवस्थी ने कथा की प्रारंभिक तैयारियों से लेकर अंतिम दिवस तक आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग दिया। कथा स्थल की व्यवस्था, संतों के स्वागत, समन्वय और आयोजन संबंधी विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए संगठन ने आयोजन को व्यवस्थित और सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने पूरे आयोजन के दौरान सेवा भाव के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
देशभर के संत-महात्माओं की रही गरिमामयी उपस्थिति
रुद्र सेना के पदाधिकारियों द्वारा छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के संतों एवं धर्माचार्यों को कथा में आमंत्रित किया गया। कथा में चित्रकूट के निर्मोही अखाड़ा से प्रज्ञा भारती, वाराणसी के मणिकर्णिका घाट से शेरवेश्वर नाथ भैरव अघोरी महाराज, छत्तीसगढ़ से दंडी स्वामी पीठाधीश्वर चरक महामेरू, महामंडलेश्वर साध्वी सौम्या किन्नर, दूधाधारी मठ के महंत रामसुंदर दास, महंत वेदप्रकाश दास, डॉ. स्वामी राजेश्वरानंद सहित अनेक संत-महात्माओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। संतों के सान्निध्य में कथा का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
राज्य के शीर्ष जनप्रतिनिधियों ने किया कथा श्रवण
कथा के दौरान छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, संगठन मंत्री पवन साय, राजीव लोचन महाराज, गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष, बाबा गुरु घासीदास की छठी वंशज प्रियंका गुरु सहित प्रदेश के अनेक मंत्री, जनप्रतिनिधि और विभिन्न आयोग, निगम एवं मंडलों के सदस्य भी कथा में शामिल हुए। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह, मंत्री टंकराम वर्मा, केदार कश्यप, राजेश अग्रवाल, गुरु खुशवंत साहेब सहित अनेक गणमान्य लोगों ने कथा का श्रवण कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
सेवा और समर्पण से सफल हुआ आयोजन
रुद्र सेना ने आयोजन के दौरान सेवा, अनुशासन और समन्वय का परिचय देते हुए धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष आलोक पांडे ने बताया कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में सेवा कार्य करना रुद्र सेना की प्राथमिकता है तथा भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में संगठन पूरी निष्ठा के साथ योगदान देता रहेगा। कथा के समापन अवसर पर आयोजन समिति ने सहयोग देने वाले सभी सामाजिक संगठनों, संतों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
रुद्र सेना के कार्यकर्ताओं का रहा विशेष योगदान
पूरे आयोजन को सफल बनाने में रुद्र सेना के प्रदेश अध्यक्ष आलोक पांडे, प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव अवस्थी, जयंत चौधरी, सीमा सिंह, जितेश शर्मा सहित संगठन के अनेक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने निरंतर सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने सेवा, समर्पण और संगठनात्मक समन्वय के माध्यम से आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


