वन विभाग में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, चारामा में मुनारा निर्माण को लेकर उठा विवाद
रेंजर और डिप्टी रेंजर पर वित्तीय अनियमितता के आरोप, उच्च स्तरीय जांच की मांग
कांकेर। चारामा वन परिक्षेत्र में मुनारा निर्माण और वन भूमि से जुड़े मामलों को लेकर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। रुद्र सेना एवं विश्व हिंदू परिषद से जुड़े प्रदेश संगठन पदाधिकारी गणेश तिवारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर वन विभाग के कुछ अधिकारियों पर वित्तीय अनियमितता, नियमों की अनदेखी और राजस्व भूमि पर अवैध निर्माण कराने के आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है।
मुनारा निर्माण को लेकर खड़े हुए सवाल
जारी बयान में आरोप लगाया गया है कि चारामा वन विभाग में पदस्थ रेंजर जोशी एवं डिप्टी रेंजर महेश सलाम की देखरेख में ऐसे कार्यों का भुगतान किया गया जिनका कार्यस्थल पर पूर्ण निष्पादन नहीं हुआ था। आरोप है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले ही राशि का आहरण कर लिया गया और बाद में कार्य शुरू किया गया। विशेष रूप से ग्राम पंचायत कासावही के अंतर्गत ग्राम प्रधान डोंगरी में मुनारा निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है।
बताया गया है कि भवानी शंकर शर्मा की पैतृक राजस्व भूमि से संबंधित क्षेत्र में मुनारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित पक्ष से कोई अनुमति या सहमति नहीं ली गई। निर्माण स्थल पर गिट्टी और रेत डालकर कार्य प्रारंभ किए जाने को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई गई है।
वन अधिकार पट्टा और सामुदायिक भूमि आवंटन पर विवाद
मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र में वन अधिकार पट्टा वितरण के दौरान व्यापक अनियमितताएं हुई हैं। आरोपों के अनुसार, जिस भूमि पर वर्षों से खेती की जा रही थी, उसे बाद में खेल मैदान और मरघट के नाम पर सामुदायिक वन पट्टा के रूप में दर्ज कर दिया गया। दावा किया गया है कि संबंधित कब्जाधारी को इसकी जानकारी तक नहीं थी।
विवादित भूमि को लेकर मामला प्रशासनिक स्तर तक पहुंचा और इसकी जांच की मांग की गई। आरोप लगाने वालों का कहना है कि जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित भूमि पर कई दशकों से खेती की जा रही थी। इसके आधार पर सामुदायिक वन पट्टा निरस्त करने संबंधी प्रकरण जिला स्तर पर विचाराधीन बताया जा रहा है।
राजस्व भूमि पर निर्माण को लेकर शिकायतें
आरोप है कि खसरा नंबर 378/1 की राजस्व भूमि पर कब्जा स्थापित करने की मंशा से मुनारा निर्माण कराया जा रहा है। इस संबंध में वन विभाग, वन मंडल अधिकारी और सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि आपत्तियों के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया तथा निर्माण की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में है।
इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर वन्य एवं पालतू पशुओं के लिए बनाए गए छोटे-छोटे जल संरचनाओं और गड्ढों के निर्माण में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। आरोपकर्ताओं का दावा है कि इन कार्यों में खर्च की गई राशि और धरातल पर हुए कार्यों के बीच बड़ा अंतर है।
उच्च स्तरीय जांच और संपत्ति जांच की मांग
गणेश तिवारी ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की है कि मामले से जुड़े अधिकारियों की चल-अचल एवं बेनामी संपत्तियों की भी जांच कराई जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

