*छत्तीसगढ़ सिख समाज, बेमेतरा के जिला अध्यक्ष ने श्री हेमकुंड साहिब में माथा टेका*



*छत्तीसगढ़ सिख समाज, बेमेतरा के जिला अध्यक्ष ने श्री हेमकुंड साहिब में माथा टेका*
बेमेतरा | 19 जून 2026
छत्तीसगढ़ सिख समाज, जिला बेमेतरा के जिला अध्यक्ष हरदीप सिंह राजा छाबड़ा ने पवित्र तीर्थ श्री हेमकुंड साहिब जी में श्रद्धापूर्वक मत्था टेककर छत्तीसगढ़ प्रदेश की खुशहाली, बेमेतरा जिले की खुशहाली, देश की उन्नति, विश्व शांति एवं समस्त मानवता के कल्याण के लिए अरदास की। इस आध्यात्मिक यात्रा में उनके साथ पूर्व जत्थेदार यश सलूजा, विशाल आहूजा, कमलेश आहूजा, करण भाटिया एवं सुमीत होरा भी शामिल रहे।
लगभग 15,000 फीट की ऊंचाई पर हिमालय की सात बर्फीली पर्वत चोटियों से घिरा श्री हेमकुंड साहिब जी सिख धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। यहां पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 22 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा करनी पड़ती है। हरदीप सिंह राजा छाबड़ा ने भी संगत के साथ 22 किलोमीटर की यह कठिन यात्रा पैदल पूरी कर गुरु घर में शीश नवाया और गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त किया।
सिख इतिहास और परंपरा के अनुसार, दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपनी आत्मकथा बचित्र नाटक में उल्लेख किया है कि अपने पूर्व अवतार में उन्होंने हेमकुंड पर्वत पर स्थित एक पवित्र स्थान पर कठोर तपस्या की थी। तत्पश्चात अकाल पुरख की आज्ञा से उन्होंने पृथ्वी पर अवतार लेकर पटना साहिब में जन्म लिया तथा धर्म, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया।
इसी ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व के कारण श्री हेमकुंड साहिब जी विश्वभर के लाखों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। प्रतिवर्ष देश-विदेश से संगत कठिन पर्वतीय मार्ग पार कर यहां पहुंचती है और गुरु साहिब के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करती है।
इस अवसर पर हरदीप सिंह राजा छाबड़ा ने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन साहस, त्याग, सेवा, सरबंस दानी और मानवता की रक्षा का अद्वितीय प्रेरणास्रोत है। उन्होंने संगत से गुरु साहिब की शिक्षाओं पर चलने, समाज में प्रेम, भाईचारा और सेवा की भावना को बढ़ावा देने तथा जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया।
श्री हेमकुंड साहिब जी में मत्था टेकने के उपरांत हरदीप सिंह राजा छाबड़ा ने यह संकल्प लिया कि वे अपना संपूर्ण जीवन गुरु साहिब के बताए मार्ग पर चलते हुए निस्वार्थ भाव से समाज सेवा के लिए समर्पित करेंगे। उन्होंने प्रतिज्ञा की कि वे गुरु घर की सेवा, गरीबों, असहायों एवं जरूरतमंद लोगों की सेवा तथा मानवता के कल्याण के कार्यों में सदैव अग्रणी भूमिका निभाएंगे तथा सेवा, सिमरन और परोपकार की भावना को अपने जीवन का मूल उद्देश्य बनाए रखेंगे।
हरदीप सिंह राजा छाबड़ा ने बताया कि उन्होंने समाजसेवी परविंदर सिंह ‘पप्पू’ भाटिया को अपना मार्गदर्शक मानते हुए श्री हेमकुंड साहिब जी में उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं समाज सेवा के कार्यों में निरंतर सफलता के लिए विशेष अरदास भी की।

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