*शासन के आदेशों को ठेंगा दिखा रहा रायपुर नगर निगम; ‘निःशुल्क अवलोकन’ के नियम का सरेआम उल्लंघन:प्रदुमन शर्मा*



*शासन के आदेशों को ठेंगा दिखा रहा रायपुर नगर निगम; ‘निःशुल्क अवलोकन’ के नियम का सरेआम उल्लंघन:प्रदुमन शर्मा*
रायपुर, छत्तीसगढ़ | दिनांक: 05/05/2026
रायपुर: अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संरक्षण आयोग के प्रदेश महासचिव प्रदुमन शर्मा ने रायपुर नगर निगम प्रशासन पर सूचना के अधिकार अधिनियम के खुले उल्लंघन और आवेदकों के साथ संगठित भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त को एक शिकायत सौंपी गई है जिसके अनुसार, रायपुर नगर निगम में RTI आवेदकों से दस्तावेजों के अवलोकन हेतु अवैध रूप से 50/- रुपये की वसूली की जा रही है। यह छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के स्पष्ट आदेशों (पत्र *क्रमांक 523/जी 1312/2009/1-सू.आ.प्र. दिनांक 15 मार्च 2010,संशोधित-2011* ) का सीधा उल्लंघन है। नियमानुसार, अभिलेखों के अवलोकन हेतु प्रथम घंटा पूर्णतः ‘निःशुल्क’ होना चाहिए और उसके बाद मात्र 5/- रुपये प्रति 15 मिनट देय है। शासन के ‘प्रथम घंटा निःशुल्क’ नियम को दरकिनार कर सीधे 50 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और पद का दुरुपयोग है।
उन्होंने आगे कहा की जन सूचना अधिकारी समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराते, ताकि आवेदकों को प्रथम अपील में जाने के लिए मजबूर किया जा सके। यह आवेदकों को थकाने की एक सोची-समझी साजिश है। प्रथम अपील के दौरान भी 4-4 महीनों तक जानकारी नहीं दी जाती, जिससे आवेदक को गंभीर मानसिक और आर्थिक क्षति हो रही है।
प्रदुमन शर्मा ने मांग की है कि दस्तावेजों के अवलोकन हेतु ली जा रही अवैध वसूली तत्काल बंद की जाए और उन अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए जो महीनों तक जानकारी दबा कर बैठे रहते हैं। साथ ही, निगम के सभी सूचना पटलों पर शासन के निर्देशों का अनिवार्य रूप से प्रदर्शन किया जाए। यदि इस भ्रष्टाचार पर त्वरित कार्यवाही नहीं होती है, तो इसकी शिकायत ‘राज्य सूचना आयोग’ और ‘नगरीय प्रशासन विभाग’ को प्रेषित की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *