*एनटीपीसी सीपत के वरीयता सूची में फर्जीवाड़ा का निष्पक्ष जांच आज तक नहीं हो सका और भर्ती प्रक्रिया भी पूर्ण इसका जिम्मेदार कौन, डॉ.सुनील किरण*
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन छत्तीसगढ़ के राज्य अध्यक्ष डॉ.सुनील किरण ने कहा कि फर्जी वरीयता सूची की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री और कलेक्टर को जनदर्शन के माध्यम से कई बार आवेदन पत्र दे चुके है ।
जिसमें मंत्रालय के ऊर्जा विभाग ने संज्ञान लेकर वरीयता सूची की जांच के और त्रिपक्षी बैठक करवाने के आदेश दिए थे जिसने अभी तक कोई सकारात्मक जांच व त्रिपक्षी बैठक नहीं हुआ है।
लेकिन भर्ती प्रक्रिया लगातार चल रहा हैं पीड़ित परिवार और मजदूर किसान के साथ अन्याय हो रहा एवं एनटीपीसी के अधिकारी मनमानी कर रहे हैं न कोई पत्र के जवाब देते है और न ही आर टी आई के उसके बाद भी शासन प्रशासन को फर्जी वरीयता सूची की निष्पक्ष जांच करने के लिए कौन रोक रहा है क्यों। त्रुटि पूर्ण और फर्जी वरीयता सूची बनाने वाले (फर्जी नियुक्ति करने वाले) अधिकारी के ऊपर दंडात्मक कार्यवाही करने में शासन प्रशासन के पसीने क्यों छूट रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन छत्तीसगढ़ की मांग है कि फर्जी वरीयता सूची की निष्पक्ष जांच एवं त्रिपक्षी बैठक करने के बाद ही भर्ती प्रक्रिया को चालू किया जाना था जो नहीं हो सका ऐसे में योग्य व्यक्ति अपने नौकरी के लिए एनटीपीसी के चक्कर लगाते फिर रहे है और अयोग्य व्यक्ति को नौकरी मिलेगा जो अन्याय होगा।

